कानपुर, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भाजपा सरकार के इशारे पर हमला किया गया था। प्रदेश में हुई हिंसा घटनाओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से कराई जाए तो सारा सच सामने आ जाएगा। कहा, हिंसा में किस तरह शासन की लापरवाही में लोगों की जान गई। लखनऊ और कानपुर में अनुभवहीन अफसरों की वजह से घटना हुई है, जोकि सरकार की नाकामी दर्शा रही है।

अंग्रेजों की नीति अपना रही भाजपा

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार की दोपहर बाबूपुरवा में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार वालों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून लाकर देश का बांटने का काम किया है। भाजपा की सरकार धर्म और जाति के नाम पर लोगों बांट रही है और अंग्रेजों के पदचिह्नों पर चलते हुए बांटों और राज करो की नीति अपना रही है।

300 विधायकों ने खोला था योगी के खिलाफ मोर्चा

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि छह माह पहले प्रदेश सरकार के तीन सौ विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके तुरंत बाद ही प्रदेश में ऐसी घटना हो गई। अब सभी चुप्पी साध गए हैं और अपना अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रहे हैं। कहा, नोटबंदी हो या जीएसटी फिर चाहे टेनरी बंदी, प्रदेश और केंद्र सरकार हर जगह नाकाम साबित हुई है।

अफसर बड़े खिलाड़ी हैं, उन्हें सब पता

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अब डिफेंस कॉरीडोर के नाम पर डिफेंस कारोबार को भी चौपट किया जा रहा है। गंगा सफाई प्रकरण में सरकार की चुटकी लेते कहा कि केवल दिखावा हो रहा है। अफसर इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि उन्हें पता है कि कैसे और कब गंगा साफ दिखानी है। प्रधानमंत्री के जाते ही गंगा नदी फिर गंदी हो गई। हमने गोमती नदी साफ की थी, उसी का मॉडल से गंगा साफ कराएं वरना दिखावा बंद कर दें।

Posted By: Abhishek

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