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Kanpur से बड़ी खबर, अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, जानें कब आएंगे जेल से बाहर

By Ashutosh MishraEdited By: Anurag Shukla
Published: Mon, 23 Feb 2026 07:41 PM (IST)

Advocate Akhilesh Dubey Bail: अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भाजपा नेता को झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाकर 50 लाख रुपये की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर 50 लाख रंगदारी मांगने में जमानत

  2. मार्च और अप्रैल में हर सोमवार को विवेचक के सामने पेश होना होगा

  3. तीन मुकदमों में जमानत बाकी होने के कारण अभी जेल से रिहाई नहीं

जागरण संवाददाता, कानपुर। Advocate Akhilesh Dubey Bail: अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भाजपा नेता को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवेचना तक वह शहर नहीं आ सकेंगे। हालांकि इस मुकदमे में जमानत के बाद भी उन्हें अभी जेल में रहना होगा। तीन मुकदमों में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है।

भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि अखिलेश दुबे व साथियों ने मिलकर उनके खिलाफ बर्रा थाने में पाक्सो एक्ट के तहत एक झूठा मुकदमा लिखवाया। जांच में घटना झूठी पाए जाने पर फाइनल रिपोर्ट लगी तो आरोपियों ने रवि को उसके सोना मेंशन बिल्डिंग की छत पर कब्जे और जान माल की धमकी दी।

वादिनी मुकदमा के माध्यम से कोर्ट में कूटरचित शपथपत्र दिलवाया गया फिर रवि को अखिलेश ने अपने कार्यालय में बुलाकर मुकदमे से बचाने के लिए 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। इस मुकदमे में अखिलेश को पुलिस ने छह अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। इसके बाद से वह जेल में ही बंद है।

जेल जाने के बाद अखिलेश के खिलाफ एक-एक कर चार मुकदमे दर्ज हुए। दो मुकदमे किदवई नगर थाने में शैलेंद्र कुमार व सुरेश पाल ने दर्ज कराए थे। एक मुकदमा अधिवक्ता संदीप शुक्ला द्वारा कोतवाली में दर्ज कराया गया था। एक मुकदमा वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुआ था।

होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी ने कोर्ट के आदेश से 15 साल पहले जूही थाने में डकैती का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में कोर्ट के आदेश से हुई अग्रिम विवेचना में भी अखिलेश का नाम आने पर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। इनमें से संदीप शुक्ला और शैलेंद्र कुमार द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों में अखिलेश को सेशन कोर्ट से ही जमानत मिल गई थी। सुरेश पाल, रवि सतीजा और वक्फ संपत्ति से संबंधित मुकदमों में सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो गई थी।

रवि सतीजा के मुकदमे में अखिलेश की जमानत याचिका 27 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। इस आदेश के खिलाफ अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुनाया है। अभी वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जे, सुरेश पाल और प्रज्ञा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में जमानत नहीं मिली है। इसलिए अखिलेश को इन मुकदमों में जमानत न मिलने तक जेल में रहना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई शर्तें

अखिलेश दुबे की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अधिवक्ता एमके द्विवेदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि अखिलेश दुबे को 25 फरवरी से पहले ट्रायल कोर्ट में पेश करना होगा। मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। अखिलेश मुकदमे के दौरान पूरा सहयोग करेंगे। जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगे। दो मार्च को विवेचक के सामने पेश होंगे। दो महीने यानि मार्च और अप्रैल में हर सोमवार को विवेचक के सामने पेश होना होगा। इसके अलावा जब तक विवेचना पूरी नहीं हो जाती है तब तक महीने के हर दूसरे सप्ताह में विवेचक के सामने हाजिर होना होगा।