कानपुर, जागरण संवाददाता। रिंग रोड के पहले चरण में जमीन लेने का काम अंतिम दौर में है। 1200 करोड़ के पैकेज में लगभग 700 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जाएगा। जनवरी से फरवरी तक मुआवजा वितरण का काम पूरा होगा। इसी दौरान प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा करने वाली कंपनी का भी चयन किया जाएगा। यह काम मार्च से अप्रैल में शुरू करने की तैयारी है।

कानपुर रिंग रोड के पहले चरण में 23 किमी लंबी सड़क बनाने का काम जल्द शुरू करने की तैयारी है। अधिग्रहण की नोटिस जारी करने के बाद अब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया यानी एनएचएआइ ने जमीन पर कब्जा लेने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत अधिग्रहीत भूमि के लिए 700 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण अगले माह से शुरू होने जा रहा है।

जिला प्रशासन के एडीएम भूमि अध्याप्ति कार्यालय से मुआवजा बांटा जाएगा। एनएचएआइ का मानना है कि फरवरी माह तक कंपनी चयन और सड़क निर्माण अनुबंध पूरा हो जाएगा। इसके बाद कंपनी अगले दो महीने में काम शुरू कर देगी।

चार चरणों में बांटा गया है काम

एनएचएआइ ने 93 किमी लंबी रिंग रोड के काम को चार चरणों में बांटा है। इटावा हाईवे पर सचेंडी के पास से रिंग रोड मंधना के निकट जीटी रोड को जोड़ेगी। सचेंडी से रमईपुर के पास कानपुर-हमीरपुर हाईवे को पार कर यह सड़क रूमा के पास कानपुर-प्रयागराज हाईवे को जोड़ेगी। वहां से उन्नाव के आजाद नगर के पास लखनऊ हाईवे होते हुए जीटी रोड को जोड़ेगी।

चरण कहां से कहां तक : प्रथम मंधना से सचेंडी, दूसरा सचेंडी से रमईपुर, तीसरा रमईपुर से वाया रूमा आटा उन्नाव, चौथा आटा से मंधना

-रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है। मुआवजा वितरण का काम अगले माह शुरू होकर फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी दौरान निर्माण कंपनी का चयन भी किया जाएगा। इसके बाद मार्च-अप्रैल में निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। -प्रशांत दुबे, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ

Edited By: Abhishek Agnihotri

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