फतेहपुर, जेएनएन। गरीबी के आधार पर कांशीराम कॉलोनी का लाभ पाने वाले गरीबों की पोल छापेमारी के दौरान खुल गई। शहर की तीन आवासीय कॉलोनियों में 484 आवंटी और उनके स्वजन नहीं मिले। बल्कि उन लोगों ने अपनी अपनी कॉलोनी दो से ढाई हजार रुपये प्रति माह किराए पर उठा रखी है। अधिकारियों को पता यह चला कि आवंटियों के पास पहले से रहने को मकान है। ऐसे सभी आवंटियों का आवंटन निरस्त करने के लिए एसडीएम सदर प्रमोद झा ने पत्रावली जिलाधिकारी संजीव सिंह को भेजी है।

कांशीराम कॉलोनी में पात्रता को लेकर सवाल खड़े होते रहते है, पिछले दिनों जिलाधिकारी के पास शिकायत यह शिकायत पहुंची कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में आपराधिक किस्म के लोग रहते हैं। डीएम के निर्देश पर एसडीएम प्रमोद झा राजस्व व पुलिस टीम के साथ बुधवार रात छापामारी कर एक-एक कॉलोनी का सत्यापन किया। छह टीमों के साथ की गई छापामारी से दहशत फैल गई। कुछ परिवारों ने ताला लगाकर भागने के प्रयास किया, लेकिन पुलिस की घेरेबंदी के चलते कोई निकल नहीं पाया।

571 गरीब अपनी कॉलोनी में मिले

अलग-अलग तीनों कॉलोनियों में रात में हुई छापेमारी के दौरान 571 कॉलोनियों में आवंटी या उनके परिवार निवास करते मिले। उनकी पहचान आधार कार्ड से टीमों ने की। इनकी कॉलोनी पूर्व की भांति आवंटित रहेगी।

इनका ये है कहना

कांशीराम कॉलोनियों में अलग-अलग आवंटियों की किराये पर रहने वाले अनेक लोग पहली नजर में ही संदिग्ध पाए गए हैं। फिलहाल इनके नाम पता और फोटो ली गयी है। अब इनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जाएगा। - प्रमोद झा, उपजिलाधिकारी सदर  

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस