जागरण संवाददाता, कानपुर : श्रमायुक्त कार्यालय में आए दिन ही कर्मी और अफसर समय से कार्यालय नहीं आते हैं। हालांकि, वह इस बात से बेफिक्र रहते हैं, कि उनकी इस लापरवाही का संज्ञान कोई वरिष्ठ अफसर कभी लेगा नहीं। हालांकि, बुधवार को श्रमायुक्त डा.राजशेखर ने बुधवार को जब कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो कुल 136 कर्मचारियों में से 36 कर्मचारी नदारद मिले।

इसी तरह जून, जुलाई व अगस्त में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उपस्थिति पंजिका को नहीं देखा गया। कई विभगों में पुरानी पत्रावलियों के ढेर लगे थे। कोविड प्रोटोकाल का निर्देश शासन से है, बावजूद इसके कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित नहीं की गई। वहीं, अधिकतर कर्मी बिना मास्क लगाए ही काम कर रहे थे। इस तरह कई अन्य कमियां मिलने पर श्रमायुक्त डा.राजशेखर ने नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि, सुबह 10.15 बजे सभी कर्मी व अफसर कार्यालय पहुंचेंगे और अपर श्रमायुक्त स्थापना डीके सिंह को उपस्थिति पंजिका की छायाप्रति मुहैया कराएंगे। साथ ही जो कर्मी नदारद रहे और उन्होंने उपस्थिति पंजिका में सीएल, एमएल व ईएल अंकित किया और उनका अवकाश प्रार्थना पत्र नहीं मिला, ऐसे सभी कर्मियों के बुधवार के वेतन काटने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा, कि 30 सितंबर तक सभी पत्रावलियों को सूचीबद्ध किया जाएगा। फिर नवंबर के अंत में वीडिग संबंधी कार्यवाही पूरी की जाएगी। श्रमायुक्त ने तीन दिनों के अंदर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने, परिसर की सप्ताह में दो बार सफाई आदि को लेकर भी अधीनस्थ अफसरों को निर्देशित किया। हालांकि, बुधवार को श्रमायुक्त डा.राजशेखर ने बुधवार को जब कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो कुल 136 कर्मचारियों में से 36 कर्मचारी नदारद मिले।

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