कानपुर, जागरण संवाददाता। कोरोना रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड को कुछ शर्तों के साथ ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (डीजीसीआइ) ने वयस्कों के लिए बाजार में लाने की अनुमति भले ही दे दी है, लेकिन वैक्सीन अभी बाजार में नहीं मिलेगी। डीजीसीआइ की शर्तें सिर्फ डाक्टरों के क्लीनिक और नर्सिंगहोम ही पूरी कर सकेंगे। इसलिए वैक्सीन दवा दुकानों में नहीं उपलब्ध होगी। डाक्टर के क्लीनिक और नर्सिंगहोम से खरीद कर लगवाई जा सकेगी। वैक्सीन का पूरा रिकार्ड रखना होगा। कोविन पोर्टल पर वैक्सीनेशन का डाटा भी अपडेट करना होगा।

भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविशील्ड की खुले बाजार में बिक्री की अनुमति मांगी थी। डीजीसीआइ ने वैक्सीन को बाजार में बिक्री की अनुमति न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल रूल्स वर्ष 2019 के तहत प्रदान की है। इसके लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण की शर्तों को पूरा करना होगा। छह माह के आधार पर सुरक्षा डाटा जमा करने की शर्त भी पूरी करनी होगी। ये शर्तें सिर्फ डाक्टर के क्लीनिक और नर्सिंगहोम में ही पूरी हो सकेंगी।

425 रुपये में मिलेगी वैक्सीन की एक डोज : डीजीसीआइ की अनुमति के बाद डाक्टरों के क्लीनिक व नर्सिंगहोम में कोवैक्सीन व कोविशील्ड की एक डोज 275 रुपये में मिलेगी। वैक्सीन लगवाने का सर्विस चार्ज 150 रुपये भी देना होगा। इस हिसाब से वैक्सीन की एक डोज 425 रुपये में मिलेगी।

अभी 780 व 1200 रुपये में लगती है वैक्सीन : सरकार दोनों वैक्सीन निश्शुल्क लगवा रही है। निजी अस्पताल व संस्थानों में कोवैक्सीन की एक डोज सर्विस चार्ज मिलाकर 1200 रुपये में लगाई जाती है। कोविशील्ड की एक डोज सर्विस चार्ज मिलाकर 780 रुपये में लगाई जाती है।

-फुटकर बाजार में वैक्सीन की बिक्री फिलहाल नहीं हो सकती है। इसकी वजह वैक्सीन अभी मल्टी डोज यानी 10 और 20 डोज के वायरल में आ रही है, जो एक व्यक्ति में इस्तेमाल के बाद डाक्टर के क्लीनिक और नर्सिंगहोम में ही सुरक्षित रहेगी। फुटकर बिक्री के लिए सिंगल डोज वायल जरूरी है। अभी कोरोना महामारी खत्म नहीं हुई है, इसलिए फुटकर बाजार में अनुमति संभव नहीं है। इसलिए अनुमति के साथ शर्तें लगाई गईं हैंं। -जसबीर सिंह, वैक्सीन स्टाकिस्ट भारत बायोटेक व सीरम इंस्टीट्यूट, कानपुर।

-केंद्र सरकार और डीजीसीआइ की यह पहल अच्छी है। इससे वैक्सीन सस्ती दरों में आमजन को मिलेगी। फिलहाल शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है, जो नर्सिंगहोम व डाक्टरों के क्लीनिक ही पूरी कर सकेंगे। हालांकि दोनों वैक्सीन की डोज लगाने की दर निर्धारित कर दी हैं, जो पहले के मुकाबले काफी कम हो गईं हैं। -संजय मेहरोत्रा, चेयरमैन दि फुटकर दवा व्यापार मंडल।

Edited By: Abhishek Agnihotri