कानपुर, जेएनएन। Schools Colleges to remain closed उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में मानसूनी सिस्टम मजबूत हो गया है, जिसकी वजह से कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, हरदोई समेत आसपास के जनपदों में झमाझम बारिश हो रही है। हवा सामान्य से काफी तेज आंधी की तरह चल रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर वर्षा के आसार जताए हैं। वहीं कानपुर की पुलिस ने भी किसानों और आमजन के लिए अलर्ट जारी किया है। जहां एक ओर रात आठ बजे तक 80 मिलीमीटर तक वर्षा रिकार्ड हुई तो वहीं, हवा 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली।

फसलों के लिए नुकसानदायक: झमाझम और लगातार हो रही बारिश का प्रभाव फसलों पर सीधे पड़ सकता है। खेतों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। इससे धान, मक्का, तरोई, बैंगन, टमाटर, लौकी आदि की फसलों के लिए नुकसान पहुंचने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डा. खलील खान ने बताया कि किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। उन्हें खेतों से पानी निकालने की सलाह दी गई है।

यह भी पढ़ें: बारिश के बीच कानपुर पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट, जर्जर भवन में न रहने की अपील

बारिश के कारण स्कूल भी बंद: गुरुवार सुबह से हो रही बारिश की स्थिति को देखते हुए कक्षा एक से लेकर 12 वीं तक सभी बोर्ड के स्कूल दो दिन के लिए बंद रखने का आदेश किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के नाम जारी हुए पत्र में प्रदेश के सभी स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है। 

डेढ़ घंटे ठप रहा दिल्ली कानपुर रेल रूट: इटावा के पास सुंदरपुर रेलवे क्रासिंग की ओएचई लाइन पर गुरुवार की सुबह पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से लाइन टूट गई जिसके चलते अप और डाउन दोनों लाइन पर संचालन रोक दिया गया। संचालन रुकने से ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो गईं। दोपहर 12:30 बजे अप लाइन और दोपहर 12:45 बजे डाउन लाइन शुरू की गई जिसके बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य हुआ। ओएचई लाइन बंद होने के चलते इटावा स्टेशन पर शताब्दी, नीलांचन एक्सप्रेस, कालका मेल खड़ी हो गईं। जिसके चलते दिल्ली से आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस, पुरी और ओखा सहित दो दर्जन ट्रेनें एक से दो घंटे देरी से कानपुर सेंट्रल आकर आगे अपने गंतव्य को गईं। 

इनका ये है कहना: मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मध्य भाग पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी लिए हवा तेज गति से मैदानी क्षेत्रों की ओर आ रही हैं। मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवा का क्षेत्र विकसित है, जबकि अन्य चक्रवाती हवा का क्षेत्र राजस्थान के ऊपर बना है। दोनों क्षेत्र तेजी से हवा काे अपनी ओर खींच रहे हैं। बादलों की ट्रफ लाइन भुज, उदयपुर, बालासोर, बंगाल की खाड़ी से गुजर रही है। मानसून का मजबूत सिस्टम बना हुआ है। बिजली गिरने और आंधी आने की आशंका है।

 

Edited By: Shaswat Gupta