कानपुर, जेएनएन। संक्रमण काल के दौरान लोग योग के महत्व से परिचित हो गए। योग के चलते गंभीर संक्रमितों के रिकवरी रेट में सुधार हुआ और वे स्वस्थ्य होकर घरों को लौट गए। डॉक्टरों और योगाचार्यों के मुताबिक दिन में कुछ समय की सक्रियता से शरीर को दुरुस्त रखने के साथ कोरोना महामारी से सुरक्षित रहा जा सकता है। योग से मॉसपेशियां मजबूत होती और अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है। ज्यादातर कोविड वार्ड और अस्पतालों में संक्रमितों को नियमित रूप से योग कराया जा रहा है। विश्व योगा फेडरेशन के महासचिव शोभित पांडेय के मुताबिक नियमित रूप से योग करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और फेफड़ों को मजबूती मिलती है। डीप ब्रीथिंग एक्सरसाइज प्रोनिंग शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बरकरार रखने में मददगार साबित होते हैं।

  • केस एक : ग्वालटोली के पादरी फजल मसीह सप्ताह भर ऑक्सीजन पर रहने के बाद गंभीर नहीं हुए और योग करते रहने से वे ऑक्सीजन स्तर को बरकरार रखने में कायमाब हुए। इसी प्रकार हैलट के आइसीयू में भर्ती रहे केशव शर्मा योग को संक्रमण से जंग में महत्वपूर्ण बताते रहे।
  • केस दो : श्याम नगर के रितु व श्याम और त्रिवेणी नगर के मनोज कुमार आइसीयू में रहने के बाद भी योग को नियमित रूप से करते रहे। रितु व श्याम को ऑक्सीजन स्तर को बरकरार रखने में मदद मिली। जबकि मनोज कुमार योग के चलते दुबारा जीवन पाने की बात कहते हैं। वे बतातें हैं कि योग ने शारीरिक और मानसिक मजबूती दी। जिसके चलते संक्रमण के दौर में वे सुरक्षित रहे।

इनका ये है कहना

  • योग फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे इम्यूनिटी बढ़ रही और खासतौर पर ब्रीथिंग एक्सरसाइज करने से संक्रमण के दौरान फायदा हो रहा है। नियमित रूप से सभी को योग जरूर करना चाहिए। योग और वैक्सीन का डोज संक्रमण से बचाव में फायदेंमद साबित होगा।

                                          - डॉ. प्रवीन कटियार, निदेशक यूनिवॢसटी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज।

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