कानपुर, जेएनएन। उर्सला अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पन्न करने वाला प्लांट लगाया जा रहा है। यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन को खींचेगा और उसको स्वच्छ व सुरक्षित करके रोगियों को मुहैया कराएगा। इससे न सिर्फ ऑक्सीजन का खर्च बचेगा, बल्कि अस्पताल को निर्बाध रूप से गैस मिलती रहेगी। शासन की ओर से एक फरवरी तक प्लांट के लिए कमरा तैयार करने का निर्देश है। यह इमरजेंसी के पीछे बनाया जाएगा। 

केंद्र सरकार की ओर मिले आठ जनपदों को मिली थी मंजूरी 

उर्सला अस्पताल में इमरजेंसी मिलाकर 550 बेड हैं। यहां एक दिन में 70 से 80 बड़े सिलिंडर उपयोग में आते हैं। पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव, सांस और दमा के रोगियों की संख्या बढ़ गई, जिससे गैस की आवश्यकता भी काफी बढ़ गई।  स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई महीने से अस्पतालों में ऑक्सीजन की बेहतर व्यवस्था के लिए प्लानिंग की जा थी। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के आठ जनपदों में ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित करने को मंजूरी दे दी गई। इसमें कानपुर, मिर्जापुर, चंदौली, बलरामपुर, चित्रकूट आदि शामिल हैं। कानपुर में उर्सला अस्पताल में प्लांट लगाया जा रहा है। यहां इसके ढांचे के लिए बजट भी मिल चुका है, जिसको एक फरवरी से पहले तैयार किया जाना है। प्लांट तैयार होते ही वहां मशीन स्थापित कर दी जाएगी। यह मशीन प्रति मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन तैयार करती है। सीएमएस डॉ. अनिल निगम ने बताया कि ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट से खर्चा बहुत कम हो जाएगा। इससे स्थाई व्यवस्था हो जाएगी। बड़े और छोटे सिलिंडर भी रिजर्व में रखे जाएंगे।

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