कानपुर, जेएनएन। सरकार के लाख कोशिशों के बाद भी सरकारी कर्मचारियों की धारणा बदलने का नाम नहीं ले रही है। इस वजह से लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के कई बाबूओं को वेतन मुख्य अभियंता ने रोक दिया था। स्पष्टीकरण आने के बाद सात तारीख को वेतन दिया गया। शासन से लोक निर्माण विभाग कानपुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता दिवाकर शुक्ला को पत्र आया था कि वह सप्ताह में एक दिन तीनों खंडों का निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति को चेक करें। 

इसके बाद दिवाकर शुक्ला, अधीक्षण अभियंता जय सिंह मौर्य ने सुबह 11 बजे छापा मारा तो ज्यादातर बाबू और अवर अभियंता गायब मिले। मुख्य अभियंता ने पूरे खंड की वीडियो और फोटोग्राफी की थी। जैसे ही बाबूओं को पता चला तो सभी भाग कर आये, इस पर दिवाकर शुक्ला ने जमकर फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने सभी बाबूओं से स्पष्टीकरण मांगा तो कोई दे नहीं पाया। इस पर दिसंबर को वेतन रोक दिया तो कर्मचारी में हड़कंप मच गया। इसके बाद 15 बाबूओं का एक दिन का वेतन काट कर दिया गया। इसमें साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर कर्मचारी नहीं पहुंचे तो उनके आधा माह का वेतन काट दिया जाएगा। 

मुख्यालय भेजी रिपोर्ट

मुख्य अभियंता दिवाकर शुक्ला ने कर्मचारियों की उपस्थिति के पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों के पदोन्नति में समस्या पैदा होगी। प्रांतीय खंड में निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता को जगह-जगह पान गुटखे के निशान भी मिले थे मिला था। जिसे ठीक करने के निर्देश भी दिए गए थे।  

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021