कानपुर, जेएनएन। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया, साइट नंबर तीन की एक थिनर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री के अंदर टैंकर से केमिकल उतारने के दौरान शार्ट सर्किट से हादसा हुआ। देखते ही देखते आग फैक्ट्री के बाहर फैल गई, जिससे अफरातफरी मच गई। हादसे में थिनर फैक्ट्री और उसके बगल में स्थित कागज के गोदाम में लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं टैंकर समेत सड़क पर खड़े चार वाहन भी फुंक गए। दमकल की 20 गाडिय़ों ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।

तेज धमाकों के साथ फटे केमिकल भरे ड्रम

स्वरूप नगर निवासी सतीश गुप्ता की साइट नंबर तीन पनकी में साइनो केमिकल नाम से फैक्ट्री है। मंगलवार दोपहर एक बजे फैक्ट्री के अंदर थिनर से भरे टैंकर को खाली किया जा रहा था। तभी शार्ट सर्किट के चलते केमिकल भरे एक ड्रम में आग लग गई, जिसकी चपेट में टैंकर भी आ गया। टैंकर में आग लगी देख ड्राइवर ने गाड़ी को फैक्ट्री के बाहर निकाला। फैक्ट्री से बाहर आने तक टैंकर आग के गोले में तब्दील हो चुका था। टैंकर को फैक्ट्री से बाहर करके ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद भी फैक्ट्री मेें आग ने विकराल रूप ले लिया और केमिकल भरे ड्रम तेज धमाकों के साथ फटने लगे। फैक्ट्री की एक दीवार भी भरभरा कर गिर गई।

टैंकर समेत चार वाहन भी जल गए

आग इतनी भयानक थी कि लपटों ने बगल में स्थित मनीष अग्रवाल के कागज के गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया। टैंकर की वजह से बाहर खड़े तीन अन्य वाहन भी जलकर खाक हो गए। सूचना मिलते ही पनकी पुलिस मौके पर पहुंची और फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला। इसके बाद कानपुर और लघु शस्त्र निर्माणी की 20 दमकल गाडिय़ों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। सूचना पर मंडलायुक्त सुधीर एम बोबडे, डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी, अपर श्रमायुक्त एसपी शुक्ला, सीएफओ एमपी सिंह भी मौके पर पहुंचे।

अवैध रूप से हो रहा था थिनर का भंडारण

थिनर फैक्ट्री में अवैध रूप से केमिकल का भंडारण किया गया था। निदेशक कारखाना का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे मंडलायुक्त सुधीर एम बोबडे ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री मालिक के पास केमिकल भंडारण का लाइसेंस नहीं है। अग्निशमन विभाग से भी एनओसी नहीं ली गई थी। इस अग्निकांड को देखते हुए प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, सीएफओ एसपी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले। अनुमान है कि हादसे के समय फैक्ट्री में 50 हजार लीटर थिनर था।

इनका ये है कहना

आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। फैक्ट्री के रजिस्ट्रेशन समेत अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल जारी है। संबंधित विभागों को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

-ब्रह्मदेव राम तिवारी, डीएम

 

Posted By: Abhishek

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