कानपुर, जेएनएन। पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त खाद्य तेल तैयार करने में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है। यह तेल कारोबारियों की मेहनत का नतीजा है। यहां से कई राज्यों को तेल भेजा जा रहा है। इससे कुपोषण की समस्या को समाप्त किया जा सकता है। ये बातें मंगलवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. अनीता भटनागर जैन ने कही। वह मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से आयोजित ऑयल फोर्टिफिकेशन (पोषक तत्व मिश्रित तेल) से जुड़े कारोबारियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहीं थीं।

70 फीसद खाद्य तेलों में मिलाए जा रहे विटामिन ए, डी व माइक्रो न्यूट्रीएंट्स

उन्होंने बताया कि ऑयल फोर्टिफिकेशन का प्रशिक्षण देने के लिए पहली कार्यशाला 18 फरवरी 2019 को कानपुर में ही हुई थी। इसी का नतीजा है कि राज्य में 70 फीसद खाद्य तेलों में विटामिन ए, डी और माइक्रो न्यूट्रीएंट्स मिलाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे शत प्रतिशत करने का आह्वान किया। बताया कि प्रदेश में हर दिन 2110 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड तेल उत्पादित हो रहा है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सराहना की।

दीपावली में जब्त हुआ 3.4 करोड़ का माल

बताया कि इस बार दीपावली पर सिर्फ नौ दिन में 5,251 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ। 3006 जगहों से नमूने लिए गए। 2.3 लाख किलोग्राम माल जब्त हुआ। इसकी अनुमानित कीमत तकरीबन 3.4 करोड़ रुपये है। प्रदेश की विभिन्न लैब में नमूनों के लंबित मामले समाप्त हो गए हैं। अब सिर्फ 14 दिन में नतीजे आ रहे हैं। इस दौरान विभिन्न जनपदों से आए 58 तेल कारोबारियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। सहायक आयुक्त (खाद्य) हरिशंकर सिंह, सहायक आयुक्त (खाद्य) मुख्यालय विष्णु कांत वर्मा, अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह, संजय सिंह, समर खान समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

ऑयल फोर्टिफिकेशन में राज्यों की स्थिति

1. उत्तर प्रदेश

2. केरल

3. ओडिशा

4. तमिलनाडु

5. नई दिल्ली

6. आंध्र प्रदेश

7. गुजरात

8. झारखंड

9. पश्चिम बंगाल

10. छत्तीसगढ़

एक लीटर में 13 पैसे आता है खर्च

अयोध्या के खाद्य तेल कारोबारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि एक लीटर तेल के फोर्टिफिकेशन में सिर्फ 13 पैसे का खर्च आता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रीमिक्स (पौष्टिक तत्व) को मान्य किया है। यह बूंद-बूंद करके तेल में मिलाया जाता है। प्रदेश में प्रतिदिन सबसे अधिक ऑयल फोर्टिफिकेशन करने वाले बरेली के कारोबारी पंकज सक्सेना ने बताया कि रोजाना 500 टन तेल तैयार होता है। बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली में इसकी सप्लाई हो रही है।

 

Posted By: Abhishek

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