कानपुर, जागरण संवाददाता : सांस्कृतिक मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय पुरातत्व विभाग की टीम ने केडीए अफसरों के साथ मेट्रो ट्रेन के 32 किलोमीटर रूट का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि रूट के पास पुरातत्व धरोहर चुन्नीगंज स्थित सूबेदार का तालाब और नानाराव पार्क मिले। केडीए अफसरों ने कहा कि दोनों ही रूट से दूर हैं। इससे उन पर असर नहीं पड़ेगा। टीम ने अफसरों से मेट्रो रूट का प्रोजेक्ट नक्शे के साथ देने को कहा है।

पुरातत्व मंत्रालय के लखनऊ सर्किल के डिप्टी सुप¨रटेंडिंग आर्कियोलाजिस्ट डॉ. नीरज कुमार सिन्हा ने केडीए के मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी और सहायक अभियंता राजेश वर्मा के साथ मेट्रो रूट आईआईटी से नौबस्ता और सीएसए से बर्रा आठ तक निरीक्षण किया। इस दौरान दो ही पुरातत्व विभाग की धरोहर आ रही थी। केडीए अफसरों ने बताया कि मेट्रो के निर्माण से लेकर संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। डिप्टी सुप¨रटेंडिंग आर्कियोलाजिस्ट ने पूरा प्रोजेक्ट तलब किया। इसकी रिपोर्ट तैयार करके मंत्रालय में अपनी रिपोर्ट देंगे। मेट्रो रूटों के लिए पुरातत्व विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जरूरी है। मुख्य नगर नियोजक ने बताया कि टीम ने पूरा रूट देखा और जो भी कागज मांगे, वह जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन रूटों पर दौड़ेगी मेट्रो :

पहला रूट: आईआईटी, कल्याणपुर रेलवे स्टेशन, एसपीएम अस्पताल के पास बगिया क्रासिंग, सीएसजेएमयू, पालीटेक्निक चौराहा, गीता नगर, रावतपुर रेलवे स्टेशन, मोतीझील, हर्ष नगर, चुन्नीगंज, नवीन मार्केट परेड, बड़ा चौराहा, फूलबाग, नयागंज, घंटाघर, झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, बसंत बिहार, बौद्ध नगर, नौबस्ता।

दूसरा रूट : सीएसए, रावतपुर रेलवे स्टेशन, काकादेव, डबलपुलिया, विजय नगर चौराहा, गोविंदनगर, बर्रा रोड, बर्रा सात, बर्रा आठ।

पालीटेक्निक में यार्ड बनाने का काम जारी

पालीटेक्निक में करीब 40 एकड़ भूमि पर मेट्रो के 24 कोच खड़े करने का यार्ड बनाया जा रहा है। यार्ड के निर्माण की जिम्मेदारी सैम इंडिया विल्ट प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। इसके लिए बाउंड्रीवॉल बनाने का काम चल रहा है।