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कन्नौज में झोलाछाप ने बच्चों को दी प्रतिबंधित कोडीन सीरप, भाई-बहन की हालत गंभीर

Published: Sun, 04 Oct 2026 06:33 PM (IST)

मैनपुरी में एक झोलाछाप डॉक्टर ने मामूली बुखार-खांसी के लिए दो मासूम बच्चों को कोडीन सीरप दे दी, जिससे उनकी ...और पढ़ें

मासूम का उपचार करते चिकित्सक। जागरण

मासूम का उपचार करते चिकित्सक। जागरण

HighLights

  1. झोलाछाप ने बच्चों को खांसी-बुखार में कोडीन सीरप दी

  2. सीरप पीते ही भाई-बहन की हालत गंभीर हुई, सैफई रेफर किया

  3. 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कोडीन सीरप प्रतिबंधित है

संवाद सहयोगी, छिबरामऊ(कानपुर)। मामूली बुखार और खांसी आने पर झोलाछाप ने मासूम भाई-बहन को कोडीन सीरप थमा दी। पहला डोज लेते ही दोनों की हालत बिगड़ गई। स्वजन ने तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर देखकर बेहोशी की हालत में दोनों को मेडिकल कालेज सैफई के अस्पताल में रेफर किया गया है।


जिले की सीमा से मैनपुरी के थाना किशनी का गांव रठोंगर बसा हुआ है। शनिवार से गांव में रहने वाले किसान विनय कुमार के छह वर्षीय बेटे लविश और तीन वर्षीय बेटी पलक को बुखार और खांसी आने लगी थी। इससे गांव के झोलाछाप से दोनों की विनय कुमार ने दवा ली थी। इस दौरान झोलाछाप ने कोडीन कफ सीरप दे दिया। रविवार सुबह जैसे ही दोनों बच्चों ने कोडीन का डोज लिया, तो हालत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत के साथ चक्कर आने लगे।

यह देखकर विनय कुमार ने बच्चों को 100 शैया अस्पताल छिबरामऊ में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बच्चों को आक्सीजन देते हुए बेहोशी की हालत आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के लिए रेफर कर दिया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डा. संतोष मिश्रा ने बताया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों को बिल्कुल कोडीन कफ सीरप नहीं देना चाहिए। बच्चों के लिए प्रतिबंध है। इसके अलावा चिकित्सक के परामर्श पर ही इसे वयस्क लोगों के देने की छूट है।

कोडीन कफ सीरप नशायुक्त होता है। इससे बच्चों की हालत बिगड़ गई। सीएमओ डा. विकास चंद्रा ने बताया कि मैनपुरी के सीएमओ को पत्र भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर छोलाछाप ने कोडीन कफ सीरप को दिया है, तो निश्चित कार्रवाई होगी।