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कन्नौज में बिस्किट देकर छात्रों से कराया प्रदर्शन, पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत 3 शिक्षक निलंबित

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:00 PM (IST)

कन्नौज के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर में छात्रों के प्रदर्शन के मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों को निलंबित ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षक निलंबित

  2. आपसी गुटबाजी में छात्रों को बरगलाकर विभाग की छवि धूमिल करने की थी कोशिश

  3. इंचार्ज प्रधानाध्यापक के फर्जीवाड़े का राजफाश, विषय बदलकर लिया था तबादले का लाभ

जागरण संवाददाता, कन्नौज। पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय गुगरापुर में 20 अगस्त 2026 को छात्रों के घेराव-प्रदर्शन करने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों ने आपसी गुटबाजी के चलते छात्रों को बिस्किट के पैकेट और लालच देकर धरना व नारेबाजी कराई थी।

इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रसारित कर विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। जांच रिपोर्ट के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएएस) संदीप कुमार ने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना, सहायक अध्यापक रामकिशोर और सहायक अध्यापक नीरज यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बीएसए ने बताया कि बीईओ गुगरापुर और सौरिख की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 20 अगस्त 2026 को विद्यालय में छात्रों द्वारा इंचार्ज प्रधानाध्यापक का घेराव, नारेबाजी और उन्हें प्रवेश न करने देने की घटना में इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र कुमार सक्सेना और सहायक अध्यापक रामकिशोर सिंह व नीरज यादव के बीच की गुटबाजी थी।

छात्रों को बिस्किट के पैकेट और लालच देकर बरगलाया गया था। इस घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर प्रसारित कर विभाग एवं शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। इस संबंध में बीईओ सौरिख ने गुरसहायगंज कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।

जांच में इंचार्ज राकेंद्र सक्सेना द्वारा किए गए गंभीर फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ। बीएससी (कृषि विज्ञान) स्नातक राकेंद्र का विषय मानव संपदा पोर्टल पर सामाजिक विषय अंकित था। स्थानांतरण का लाभ लेने के लिए उन्होंने 2024-25 में जिला स्तरीय एडमिन आईडी से अपना विषय बदलकर 'विज्ञान' कराया और वैभव शर्मा गणित स्नातक के साथ पारस्परिक तबादला पा लिया।

लाभ मिलने के बाद उन्होंने पुनः आवेदन कर स्वयं को 'कला वर्ग' में मैप करा लिया। जांच में तथ्य छिपाकर अनुचित लाभ लेने का आरोप सही पाया गया। निलंबन के साथ ही राकेंद्र सक्सेना को कंपोजिट विद्यालय रैपुरा छिबरामऊ, रामकिशोर को बौसिया सौरिख और नीरज यादव को प्राथमिक विद्यालय दारापुर बरेठी हसेरन से संबद्ध किया गया है। बीईओ उमर्दा और बीईओ सदर को मामले की आगे की जांच सौंपी गई है।


पारदर्शी सरकार में निर्दोष शिक्षकों के खिलाफ यदि विद्वेष वश, कूटरचित तरीके अपनाकर साजिश के तहत कार्रवाई की जाएगी तो उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ दोनों निर्दोष शिक्षकों रामकिशोर सिंह एवं नीरज कुमार पर जबरदस्ती साजिशन की गई कार्रवाई का विरोध करता है।
- विवेक चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ

 

राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने के लिए छिपाए थे तथ्य

पीएमश्री गुगरापुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना पर राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन में तथ्य छिपाने का आरोप लगा था। साथ ही छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक पर बच्चों से भेदभाव करने, जातिगत टिप्पणी करने, विद्यालय की संपत्ति का अवैध निस्तारण कराने, हरे पेड़ कटवाने, रसोइया नियुक्ति में हेरफेर और शिक्षण व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए थे।


छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने लगाए थे विभिन्न आरोप

आरोप था कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने आवेदन में रिकवरी और निलंबित होने का तथ्य छिपाया था। विद्यालय के स्टाफ ने मामले की शिकायत समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री से की थी। इसके बाद विद्यालय में विवाद की स्थिति बनी रही। सहायक अध्यापक रामकिशोर ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से इस विद्यालय में पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य किया है और विद्यालय को जनपद में सर्वाधिक छात्र संख्या वाला विद्यालय बनाया। किंतु दोषी शिक्षक की कमियों को छिपाने के लिए निर्दोष शिक्षकों पर कार्यवाही की गई।

सहायक अध्यापक नीरज यादव ने बताया कि जो भी आरोप लगाए गए हैं। वह निराधार है। बिना तथ्यों और साक्ष्यों के जानकारी के बिना जांच की गई है। उनको बेवजह दोषी बनाया है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना ने बताया कि मेरे अध्यापकों द्वारा शासन की छवि की धूमिल करने कृत्य किया गया है। मेरे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार है।