जागरण संवाददाता, कन्नौज : बस हादसे में जिंदा जले यात्रियों के स्वजनों ने एडीएम से अंतिम संस्कार करने के लिए अवशेष मांगे हैं। फोरेंसिक टीम ने हादसे के बाद बस से नौ और ट्रक से एक अवशेष का नमूना लेकर डीएनए जांच के लिए लखनऊ भेजा था। साथ ही स्वजनों व रिश्तेदारों का रक्त नमूना भी भेजा गया था। लखनऊ से आई रिपोर्ट में लापता यात्रियों से संबंध उजागर नहीं किए जाने के चलते मंगलवार को स्वजनों के रक्त नमूने दोबारा लखनऊ भेजे गए। अब नए सिरे से रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

10 जनवरी को छिबरामऊ के घिलोई गांव में बस व ट्रक हादसे में मृत यात्रियों के स्वजनों ने एडीएम गजेंद्र कुमार के समक्ष कलमबंद बयान में अपनों का अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई है। बस चालक कमलेश के भाई विमलेश के बाद छह और स्वजनों ने बयान दर्ज कराए। कासगंज से मां हसीन बानों के साथ आए नाजिम ने पत्नी नूरी व बेटी सामिया के अवशेष मांगे हैं ताकि सिपुर्द-ए-खाक किया जा सके। राजस्थान के जयपुर सांगानेर निवासी उर्मिला बस में बेटी प्रिया के साथ थीं। हादसा होने पर बाहर निकल आईं, लेकिन बेटी की मौत हो गई थी। इसी तरह फर्रुखाबाद के कमालगंज उगरापुर निवासी रईश अहमद ने हादसे में मृत भाई, भाभी व उनके तीन बच्चों के अवशेष मांगे हैं। एडीएम ने बताया की बयान दर्ज किए गए हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे। उनके स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, छिबरामऊ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आठ लोगों के लापता होने की सूचना स्वजनों ने दी है। एक परिवार के पांच, दूसरे के दो व तीसरे का एक सदस्य शामिल है। इन आठ यात्रियों की शिनाख्त के लिए छह रक्त नमूने एकत्रित किए गए हैं। रिपोर्ट में रिश्ते का कालम अधूरा होने पर रक्त नमूने दोबारा लखनऊ भेजे गए हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस