Kannauj Blast: अवैध पटाखा कारोबार ने फिर लील ली जान, 16 साल पहले धमाके में आतिशबाज की दो पौत्रियों की हो गई थी मौत
कन्नौज के बहबलपुर गांव में अवैध पटाखों का कारोबार जारी है, जिसने हाल ही में दो मासूमों की जान ले ...और पढ़ें
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित शिव कुमार सक्सेना। जागरण
HighLights
बहबलपुर में अवैध पटाखों का कारोबार जारी, दो मासूमों की मौत।
16 साल पहले भी धमाके में आतिशबाज की दो पौत्रियों की मौत।
प्रशासन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की जांच में सक्रिय हुआ।
संवाद सहयोगी, छिबरामऊ(कन्नौज)। कन्नौज से सटे ग्राम बहबलपुर में अवैध पटाखों का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। धमाके में दो मासूम बहनों की जान जाने के बाद भी इसे बंद नहीं किया गया और न ही पुलिस की पैनी नजर ही इस कारोबार को बंद करा सकी है। जान गंवाने वाले दोनों मासूम बहनें आतिशबाज की पौत्रियां थीं।
ग्राम बहबलपुर में सपा नेता रहे शरद सक्सेना के पिता शिव कुमार सक्सेना ने अपना घर बांदा से आकर बनवाया था। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2012 में छत पर पटाखे सुखाने के दौरान धमाका हो गया था। जिसमें शरद की दो बेटियों लक्ष्मी व काजल की मौत हो गई थी। लेकिन परिवार ने इस घाव से कोई सबक नहीं लिया और कारोबार जारी रखा।

मृतक शिव कुमार चिक (फाइल फोटो)। स्वजन
वर्ष 2025 में पटाखों से आरोपित के घर के सामने धमाका हो गया था, जिपुलिस की गिरफ्त में आरोपित शिव कुमार सक्सेना। जागरणसमें गांव की ही 12 वर्षीय लक्ष्मी पुत्री सत्य प्रकाश झुलस गई थी। काफी इलाज कराने के बाद उसकी हालत में सुधार हो सका था। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपितों के घर से कई बार व ग्राम कल्यानपुर से आतिशबाज के अवैध पटाखे पुलिस पकड़ चुकी है।
सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध कार्य पर प्रशासन सक्रिय
अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान हुए धमाके के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर यह कार्य किया जा रहा है, वह सरकारी है। इसी पर कब्जा कर मकान भी बनाया गया है। इस पर प्रशासन सक्रिय हो गया। बहबलपुर का राजस्व रिकार्ड फूस बंगला कांड में जल जाने के कारण गांव चकबंदी में लगा है। आनन-फानन में चकबंदी टीम को मौके पर बुलाकर एसडीएम ने अभिलेख चेक कराए।
यह भी आया सामने
सरकारी अभिलेख के अनुसार वर्ष 1980 में यह जमीन राम सिंह डम्मर के नाम पर दर्ज थी। जांच में गाटा संख्या 220, 221 व 222 निजी आराजी पाई गई और इनका रकबा लगभग चार बीघा मिला। इसके अलावा गाटा संख्या 219 आबादी में दर्ज मिला, जिसका रकबा लगभग सवा छह बीघा था। इस जमीन पर ही सामुदायिक इज्जतघर के अलावा मंदिर व तालाब भी है।
300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पटाखा बनाते थे शिव कुमार
धमाके में जान गंवाने वाला शिव कुमार चिक 300 रुपये प्रतिदिन के मेहनताने में काम करता था। धमाके के बाद से आतिशबाजी के कारोबार पर कई सवाल उठने लगे। कई ग्रामीण पूछ रहे थे कि पटाखे बनाने के कारोबार में लगा जो युवक मौके से भागा है, वह कौन है। वहीं धमाके के बाद शिव कुमार सक्सेना के बेटे व अन्य स्वजन भी भाग निकले। शिव कुमार चिक की मौत से उनके स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके परिवार में मां ब्रजरानी, पत्नी फूलमती के अलावा तीन बेटी आरती, सोनी, तन्नू, दो बेटे सूरज व अक्षय हैं।
दशकों पुराना अवैध कारोबार
शिव कुमार सक्सेना का बिना लाइसेंस पटाखे का कारोबार नया नहीं बल्कि दशकों पुराना है। ऐसा नहीं है कि इस कारोबार को रोकने के लिए ग्रामीणों ने प्रयास नहीं किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि आवाज उठाने वाले को ही आरोपित निशाना बना लेते थे।
बांदा से आकर यहां शुरू किया कारोबार
अवैध रूप से पटाखे बनवाने के आरोपित शिव कुमार सक्सेना ग्राम बहबलपुर का मूल निवासी नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो वर्ष 1994-95 में वह बांदा जिले से आकर ग्राम बहबलपुर का निवासी बना। उसने पहले पटाखे बनाने के लिए लाइसेंस बनवाया था, जिसे बाद में प्रशासन ने निरस्त कर दिया। हालांकि उसका यह अवैध कारोबार बदस्तूर जारी रहा। ग्रामीणों ने इसको रुकवाने के लिए कई बार प्रयास किए और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्य नहीं रुका, उलटा शिकायतकर्ता ही शिव कुमार सक्सेना के परिवार के निशाने पर आ गया, जिससे थक हारकर ग्रामीणों ने आवाज उठाना ही बंद कर दिया।
परिवार के सदस्यों के खिलाफ आक्रोश
अब ग्रामीणों में इस परिवार के सदस्यों के प्रति खासा आक्रोश है। ग्रामीण इस परिवार को गांव से बाहर करने की मांग भी उठा रहे हैं। पटाखे बनाने के दौरान हुए धमाके के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया। वे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लेकिन इस अवैध कारोबार की सूचना न दिए जाने से नाराज अधिकारियों ने ग्रामीणों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनको कार्रवाई की भी चेतावनी दे डाली।
एलआइयू और पुलिस की रही विफलता
अवैध पटाखों के फल-फूल रहे कारोबार की भनक न लगने में लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआइयू) व पुलिस की भी विफलता रही। पुलिस भी अपने सूचना तंत्र को सक्रिय कर इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं जुटा सकी, जिससे धमाका हो गया। धमाके में शिव कुमार सक्सेना की स्कूटी के परखच्चे उड़ गए।
धमाके से घरों में आईं दरारें
धमाके से शिव कुमार सक्सेना के घर के अलावा खाली प्लाट के पीछे रहने वाले राजेश पाल के घर व छत में भी दरारें आ गईं। पीड़ित परिवार प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग कर रहा है।
ध्वस्त होगा सामुदायिक इज्जतघर
नगर पालिका की ओर से वर्ष 1999 में ग्राम बहबलपुर में बनाया गया सामुदायिक इज्जतघर जर्जर हालत में पहुंच गया है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सफाई नायक सुजीत की थी। सामुदायिक इज्जतघर में बारूद जमा होने पर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने नगर पालिका के ईओ अजय कुमार को फटकार लगाई और इसे ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। वहीं, ईओ का कहना है कि बारूद जमा मिलने पर सफाई नायक को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा जाएगा।
ठेली लगाकर चाट बेचता था महेश
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध पटाखों का कारोबार करने वाले शिव कुमार सक्सेना के दो बेटे हैं। जिसमें एक बेटा महेश ठेली लगाकर चाट-पकौड़ी बेचता है। लेकिन यह सिर्फ लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए ही है। पूरा घर अवैध तौर पर पटाखे बनाने में संलिप्त रहा है।
हादसे के बाद घटनाक्रम
- 11:05 ग्राम बहबलपुर में धमाका हुआ
- 11:15 बहबलपुर चौकी इंचार्ज रावेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे
- 11:30 प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे मौके पर पहुंचे
- 11:33 धमाके में झुलसे शिव कुमार चिक को एबुलेंस से 100 शैया अस्पताल भेजा गया
- 11:40 सीओ मयंक मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे
- 11:45 एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, तहसीलदार अभिनव कुमार वर्मा व नायब तहसीलदार रामप्रकाश मौके पर पहुंचे
- 12:00 सीओ फायर मुकीमुल हक मौके पर पहुंचे
- 12:25 एएसपी अजय कुमार घटनास्थल पर पहुंचे
- 12:45 डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार पहुंचे
- 01:00 पूर्व राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय पहुंचीं
- 01:15 फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची
