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Ganga Flood: कन्नौज में बाढ़ का खतरा, कासिमपुर और बख्सीपुर्वा गांव में पहुंचा पानी

Published: Wed, 09 Sep 2026 04:58 PM (IST)

कन्नौज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से कासिमपुर और बख्शीपुरवा समेत कई गांव बाढ़ की ...और पढ़ें

कासिमपुर गांव के घरों में घुसा पानी। जागरण

कासिमपुर गांव के घरों में घुसा पानी। जागरण 

संवाद सूत्र, मानीमऊ (कन्नौज)। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। कासिमपुर गांव का मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। कासिमपुर और बख्सीपुर्वा गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीण गांवों से निकल कर ऊंचे स्थानों पर आश्रय ले रहे हैं।

गृहस्थी का सामान सुरक्षित करने को नावों से ले जाया जा रहा है। बुधवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 21 सेमी नीचे था। तीन दिन के अंदर नरौरा बांध से दूसरी बार पानी छोड़े जाने से उसका असर शुक्रवार की सुबह तक दिखने का अंदेशा है।

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में वर्षा के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरी में बाढ़ के हालात हैं। बुधवार को मेहंदी घाट पर गंगा का जलस्तर 125.760 मीटर दर्ज किया गया। इससे अब जलस्तर खतरे के निशान 125.970 मीटर से सिर्फ 21 सेमी दूर है। 10 घंटे में चार सेमी की रफ्तार से पानी चढ़ रहा है।

सोमवार को नरौरा बांध से 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। उसका असर बुधवार की सुबह तक दिखा है। बुधवार को नरौरा बांध से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका असर शुक्रवार की सुबह दिखाई देगा। इससे गंगा के किनारे कटरी क्षेत्र में बाढ़ से हालात बिगड़ सकते हैं।

फिलहाल कासिमपुर और बख्सीपुर्वा गांव के घरों में पानी घुस चुका है। घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण अब ऊंचे स्थानों पन्नी के तंबुओं में जिंदगी बिताने को विवश हैं। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से प्रभावित लोगों को मदद दी जा रही है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रही हैं।

जलस्तर बढ़ने से गंगा और काली नदी का पानी आपस में मिल गया है, जिसका असर आसपास के तटीय गांवों में दिखाई देने लगा है। चौरा चांदपुर वाली गोशाला में पानी भरने से वहां के करीब 150 गाेवंशियों को बंदगीपीर के पास बनाई गई अस्थाई गोशाला में शिफ्ट कर दिया गया है।

चौरा चांदपुर के ग्राम प्रशासक मुरारी यादव ने बताया कि गोवंशियों को शिफ्ट करने के साथ ही उनके लिए हरे चारे की व्यवस्था की गई है। चौरा चांदपुर गोशाला में करीब ढाई फीट तक पानी भरा हुआ है।

नदियों के मिलन से निचले इलाके जलमग्न

जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा और काली नदी का पानी आपस में मिल गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी बढ़ना शुरू हो गया है। चौरा चांदपुर और गुमटिया गांव के बीच बनी पुलिया डूबने से आवागमन प्रभावित हो गया है। गुमटिया गांव का अंत्येष्टि स्थल भी डूब चुका है। जलमग्न सड़कों और डूबी पुलिया के पास बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बच्चों के नहाने से हादसे का अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, पुलिस बल, आपदा राहत टीम और नावों की तैनाती की मांग की है। साथ ही, उफनती नदी और डूबे मार्गों से दूर रहने की अपील की गई है।

मियागंज में बारिश में गिरा कच्चा मकान

बारिश में मियागंज के अश्वनी कुमार का कच्चा मकान गिर गया। उनकी पत्नी गुड्डी ने समाज कल्याण राज्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उनका कच्चा मकान जर्जर अवस्था में था, जो बारिश में गिर गया। अब वह पति और एक बेटे सहित खुले आसमान तले गुजर-बसर कर रही है। इस पर राज्यमंत्री ने एसडीएम सदर को स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।