-69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जी नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों पर कसा शिकंजा

-सुनवाई में उपस्थित न होने पर किया जाएगा बर्खास्त, होगी एफआइआर

जागरण संवाददाता, कन्नौज : 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले 22 शिक्षकों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। अब 21 दिसंबर को अंतिम सुनवाई होगी। इसमें उपस्थित न होने पर बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआइआर कराई जाएगी। इसके बाद वेतन वसूली के लिए रिकवरी नोटिस भी जारी होगा।

बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत जिले में 1,488 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें सत्यापन के दौरान 22 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख संदिग्ध मिले। इसी आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए चार दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी। पहली सुनवाई में कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद दूसरा नोटिस भेजा गया और 13 दिसंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई थी, मगर उस दिन भी कोई शिक्षक साक्ष्यों और स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित नहीं हुआ। गुरुवार को बीएसए ने अंतिम नोटिस जारी किया है, जिसमें सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। बीएसए संगीता सिंह के मुताबिक जितने शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, उनके अंकपत्र पूरी तरह से फर्जी हैं और सत्यापन में यह साफ हो गया है कि दस्तावेज कूटरचित ढंग से तैयार किए गए हैं। किसी के सत्यापन में तो पिता और गांव का नाम भी फर्जी मिल रहा है। अब इन शिक्षकों को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उन्हें बर्खास्त कर खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित थाने में एफआइआर कराएंगे। इसके बाद वेतन वसूली के लिए रिकवरी नोटिस भी जारी किया जाएगा।

------- लगातार स्कूल आ रहे फर्जी शिक्षक

नोटिस मिलने के बाद फर्जी शिक्षक सुनवाई में नहीं आ रहे हैं, जबकि लगातार स्कूल आ रहे हैं। हालांकि बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों के हस्ताक्षर न कराने तथा वेतन बिल न बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद भी वह लगातार स्कूल आ रहे हैं। गुरुवार को सदर ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी शिवसिंह को एक स्कूल में फर्जी शिक्षक मिल गया तो उन्होंने उसका मोबाइल फोन में फोटो ले लिया और बीएसए को अवगत कराया। इसी तरह छिबरामऊ ब्लाक में भी बीईओ सुनील दुबे को फर्जी शिक्षक पढ़ाते मिले तो उन्होंने विद्यालय आने से इन्कार कर दिया।

Edited By: Jagran