जागरण संवाददाता, कन्नौज : समायोजन रद करने के विरोध में शनिवार को सड़क पर उतरे शिक्षामित्रों के पैदल मार्च से जीटी रोड पर जाम लग गया। इसके बाद बीएसए कार्यालय व कलेक्ट्रेट में अ‌र्द्धनग्न प्रदर्शन के साथ जमकर नारेबाजी हुई। तेज धूप व गर्मी से दो महिला शिक्षामित्र समेत कई बेहोश हो गए। हालत बिगड़ने पर साथियों ने उपचार कराया। पुलिस कर्मियों का पसीना छूटता रहा। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

शनिवार को पूर्व निर्धारित समय पर शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर जुटे। पूरे जिले से पहुंचे समायोजित शिक्षकों के कारण संख्या भी ज्यादा रही। शाम तीन बजे तक धरना देने के बाद शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। इससे जीटी रोड पर बस अड्डे से लेकर तिर्वा क्रा¨सग तक जाम के हालात बन गए। कुछ देर के लिए शिक्षामित्र क्रा¨सग के पास जमीन पर बैठ गए तो पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। जाम खुलवाने में पसीने से तरबतर नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षा मित्रों ने शर्ट उतारकर खूब नारेबाजी की। भीषण गर्मी से दो महिलाएं बेहोश हो गईं। इनको जूस पिलाकर होश में लाया गया। इसके साथ कई अन्य की तबीयत भी बिगड़ी। शिक्षामित्रों ने कहा कि तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सूबे में बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वर्ष 2001 में भर्ती की थी। मेहनत व लगन से बच्चों को पढ़ाया गया। साथ में दूरस्थ शिक्षा से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण भी लिया। इस पर सपा सरकार ने वर्ष 2016 में सभी को समायोजित कर शिक्षक बना दिया। सुप्रीम कोर्ट के समायोजन प्रक्रिया रद करने से परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई। बेसिक शिक्षा विभाग में 17 वर्ष देने के बाद अब उनके पास दूसरे विभाग या अन्य जगह जाने के मौके भी समाप्त हो चुके हैं कई समायोजित शिक्षक नौकरी पाने की निर्धारित आयु पार कर चुके हैं। अब कहीं नौकरी नहीं मिलेगी। सभी ने सरकार से सहायक अध्यापक बनाने या समकक्ष वेतन दिए जाने की मांग रखी। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार ¨सह को सौंपा। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील रहा। सदर क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत गौतम, सीओ लाइन हौसला प्रसाद, कोतवाली प्रभारी एके ¨सह यादव, सरायमीरा चौकी इंचार्ज अरिमर्दन ¨सह समेत बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहीं।

रात भर भूख हड़ताल से बिगड़ी हालत

शुक्रवार को शुरू हुई भूख हड़ताल के बाद बीएसए कार्यालय में रात भर बैठे रहे शिक्षामित्रों में कई हालत बिगड़ गई। शनिवार सुबह तीन अचानक बेहोश हो गए। इससे साथियों में हलचल मच गई। सभी को पानी पिलाने के बाद होश में लाया गया। शिक्षा मित्रों ने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन के मांगें न मानने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Posted By: Jagran

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