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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 406 मीटर सर्विस रोड अभी तक अधूरा, जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा

एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड का निर्माण अधूरा पड़ा है। कारण जमीन पर कुछ किसानों का कब्जा है। एक वर्ष पूर्व अफसरों ने पैमाइश कर जमीन खाली कराई थी और यूपीडा कब्जा दिलाया था। निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने फिर से जमीन पर कब्जा कर लिया है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे वर्ष 2016 में तैयार हो गया था।

By amit kuswaha Edited By: Abhishek Pandey Mon, 20 May 2024 12:40 PM (IST)
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 406 मीटर सर्विस रोड अभी तक अधूरा, जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा

संवाद सहयोगी, तिर्वा।  एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड का निर्माण अधूरा पड़ा है। कारण, जमीन पर कुछ किसानों का कब्जा है। एक वर्ष पूर्व अफसरों ने पैमाइश कर जमीन खाली कराई थी और यूपीडा कब्जा दिलाया था। निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने फिर से जमीन पर कब्जा कर लिया है। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे वर्ष 2016 में तैयार हो गया था और उसी समय एक्सप्रेसवे के साइड में सर्विस रोड बनाया गया था। कारण, एक्सप्रेसवे पर किसी प्रकार से जाम या फिर यातायात बाधित हो तो सर्विस रोड से वाहनों को पास किया जाएगा।

तहसील क्षेत्र के सिकरोरी गांव के सामने करीब 406 मीटर सर्विस रोड का निर्माण नहीं हो सका था। इतनी रोड का निर्माण कार्यदायी संस्था एफकान ने छोड़ दिया था। कारण, इस जमीन पर किसानों विवाद कर रहे थे। किसान जमीन से कब्जा नहीं छोड़ रहे थे। इसको लेकर एक वर्ष पूर्व तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पवन कुमार मीना ने राजस्व व पुलिस के साथ जमीन की पैमाइश कराई थी और कब्जा मुक्त जमीन कर यूपीडा को सिपुर्द कर दी थी।

यूपीडा ने रोड निर्माण शुरू नहीं किया तो अब ग्रामीणों ने फिर से कब्जा कर लिया। प्रशासन के सीमांकन चिह्न भी तोड़ दिए और जोताई कर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। यूपीडा कर्मियों ने 406 मीटर रोड निर्माण के लिए दो करोड़, 69 लाख के बजट बनाकर शासन स्तर पर भेजा था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसका नतीजा, जमीन पर कब्जा हो गया और राहगीरों को परेशानी होती है। रास्ता भटकते वाहन चालक तिर्वा-कन्नौज रोड से पैरामेडिकल कालेज हाेते हुए सिकरोरी गांव के सामने एक्सप्रेसवे का सर्विस रोड मिल जाता है।

करीब 500 मीटर तक रोड बना है। इसके बाद 406 मीटर तक रोड अधूरा पड़ा। इससे कोई भी वाहन यहां से नहीं निकल पाता। खेतों में पगडंडी से ग्रामीण पैदल ही निकल पाते हैं। इससे आए दिन वाहन चालक रास्ता भटक जाते हैं। दो करोड़, 69 लाख का बजट मांगा गया था। बजट न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका। इसके लिए प्रयास लगातार चल रहे हैं। बजट मिलने पर काम शुरू कर दिया जाएगा। रवि प्रताप सिंह, जेई यूपीडा