अमरोहा। अरबी फारसी मदरसा बोर्ड ने बोर्ड की शुचिता को बरकरार रखने को मदरसा संचालकों पर शिंकजा कस दिया है। पहली बार डेढ़ मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं राजकीय कालेजों में परीक्षा देंगे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मदरसों में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामूहिक नकल को लेकर को अरबी फारसी मदरसा बोर्ड की पहले ही काफी छीछालेदर हो चुकी है। हालांकि मदरसा बोर्ड से संबद्ध मदरसों की आलिम, फाजिल व कामिल स्तर की परीक्षाएं शासकीय सहायता प्राप्त अनुदानित मदरसों में होती रही हैं। पिछले साल जनपद में उप जिलाधिकारी सदर नगेंद्र शर्मा ने शासन के निर्देश पर छापेमारी कर जनपद के मदरसों में सामूहिक नकल होते पकड़ी थी। इसकी वीडियोग्राफी कराकर भी शासन को भेजी गई थी। हालांकि सियासी दवाब में उस समय जिन पेपरों में सामूहिक नकल पकड़ी गई थी उन्हें निरस्त नहीं किया गया था। इससे प्रशासन को भी जबरदस्त झटका लगा था। मगर अब मदरसा बोर्ड ने जिले में चल रहे करीब डेढ़ सौ मदरसा संचालकों को जोर का झटका दिया है। मौजूदा शैक्षिक सत्र की मदरसा बोर्ड परीक्षाएं मदरसों में संचालित नहीं होंगी। शासन के निर्देश पर राजकीय कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है। बता दें कि जिले में इस बार आलिया, उच्च आलिया, आलिम, कामिल व फाजिल स्तर के करीब दस हजार छात्र-छात्राएं परीक्षार्थी शामिल होंगे। शासन के इस फैसले के बाद मदरसा संचालकों में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है।

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-- शासन के निर्देश पर मदरसा बोर्ड की परीक्षा संपादित कराने को राजकीय व सहायता प्राप्त इंटर कालेजों को केंद्र बनाया जा रहा है, केंद्र निर्धारण की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी माह इस पर फैसला हो जाएगा।

-मनोज यादव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।

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