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अमरोहा। कहते हैं कि यदि मौत नहीं आयी है तो कुछ भी कर लो, मगर हाथ से जिंदगी नहीं जायेगी। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक युवक गाजियाबाद से मौत को गले लगाने के लिए अमरोहा पहुंच गया, मगर उसकी जिंदगी थी। जान देने को पटरियों के बीच बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे युवक को आरपीएफ ने बचा लिया।

जनपद अलीगढ़ के थाना क्षेत्र इंग्लास निवासी शैलेंद्र उर्फ शैलू गाजियाबाद में काम करता है। बताया जाता है कि उसकी मां और पत्‍‌नी में मनमुटाव चल रहा है। कई बार लड़ाई भी हो चुकी है। इससे वह काफी दुखी था। शैलू अपनी जिंदगी को खत्म करना चाहता था, सो वह बीते दिन सायं को किसी ट्रेन से अमरोहा स्टेशन पहुंचा। जहां से वह मौत को गले लगाने के लिए पटरियों के किनारे किनारे चल दिया। आउटर से आगे और कैलसा स्टेशन से पहले वह ट्रेन से कटने के लिए पटरियों के बीच बैठ गया। ट्रेन का इंतजार करने लगा। यहां से गुजर रहे आरपीएफ गश्ती दल की नजर उस पर पड़ गयी। युवक को वहां से उठाकर जवान चेक पोस्ट ले आये। जहां पूछताछ के दौरान उसने अपनी कहानी सुनाई। मामले में जहां आरपीएफ ने संबंधित के खिलाफ रेलवे एक्ट में कार्रवाई कर जेल भेज दिया, वहीं इसकी सूचना उसके परिजनों को दे दी।

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युवक मरने के लिए ट्रैक पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहा था, यदि गश्ती दल की नजर नहीं पड़ती तो शायद उसकी जिंदगी चली जाती।

-गुलाब शंकर शर्मा, चेक पोस्ट इंचार्ज, आरपीएफ अमरोहा।

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