UP MLC Voter List: 'राम ने शर्मा को मारा', पिता का नाम- 'टक्कर मारना'; वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नाम
झांसी-इलाहाबाद स्नातक एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची में अजीब नाम और डुप्लीकेट मतदाताओं की त्रुटियां सामने आने के बाद जांच की गई है।

MLC चुनाव वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नाम।
HighLights
मतदाता सूची में अजीब नाम और डुप्लीकेट मतदाता मिले।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर जांच रिपोर्ट भेजी गई।
पात्र मतदाता पहचान सही होने पर मतदान से वंचित नहीं होंगे।
जागरण संवाददाता, झांसी। झांसी-इलाहाबाद खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अजीब नाम और अन्य त्रुटियों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूचनाओं के बाद निर्वाचन विभाग ने जांच कराई है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के निर्देश पर रिटर्निंग ऑफिसर एवं मण्डलायुक्त (झांसी) बिमल कुमार दुबे ने मामले की जांच कर रिपोर्ट भेज दी है। जांच में मतदाता सूची में लिपकीय त्रुटियों के साथ ही 100 से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम भी सामने आए हैं।
मण्डलायुक्त ने 17 अक्टूबर को विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया था कि मतदाता सूची में लिपकीय त्रुटि होने के कारण किसी भी मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
यदि मतदान केन्द्र पर मतदाता की पहचान सही पाई जाती है तो पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी की सन्तुष्टि के बाद उसे मतदान की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए सभी मतदान कार्मिकों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया है।
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17 अक्टूबर 2026 को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति।
पर्ची में दर्ज हैं अजीबोगरीब नाम
बता दें कि पर्ची में किसी मतदाता का नाम 'मूर्ख काली देवी', पिता का नाम 'रामजीत पटेल' दर्ज किया गया है। इसी तरह किसी पर्ची में पिता का नाम 'राम ने शर्मा को मारा' दर्ज है। किसी मतदाता पर्ची में वोटर का नाम 'टक्कर मारना' और पिता का नाम भी 'टक्कर मारना' ही दर्ज है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं पर्चियां
23 अक्टूबर को झांसी-इलाहाबाद खण्ड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में मतदान होना है। मतदान के लिए पार्टियों की रवानगी से पहले सोशल मीडिया पर मतदाता पर्चियों की तस्वीरें वायरल होने लगीं। इनमें कई मतदाताओं के नाम में अजीब तरह की त्रुटियां दिखाई गईं।
मामला प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर से इसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी। रिटर्निंग ऑफिसर एवं मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने मतदाता सूची का सत्यापन कराया।

जांच के बाद लिपकीय त्रुटियों को चिह्नित कर उनका निराकरण कराया गया। मण्डलायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची में हुई लिपकीय त्रुटियां किसी भी वास्तविक मतदाता के मतदान में बाधा नहीं बनेंगी।
100 से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची तैयार
जांच के दौरान निर्वाचक नामावली में 100 से अधिक डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम भी सामने आए हैं। इनकी अलग सूची तैयार कर सम्बन्धित मतदान केन्द्रों के पीठासीन अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही है। मतदान के दौरान ऐसे नामों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
'पहचान सही तो मतदान से नहीं रोकेंगे'
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची में नाम अथवा अन्य विवरण में लिपकीय त्रुटि होने मात्र से मतदाता को मतदान से रोका नहीं जाएगा।
पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान से सन्तुष्ट होने के बाद नियमानुसार मतदान करा सकेंगे। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सूची में हुई तकनीकी या लिपकीय गलती के कारण कोई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
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आज रवाना होंगी मतदान पार्टियां
विधान परिषद स्नातक निर्वाचन के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है। इसके लिए मतदान पार्टियों की रवानगी आज होगी। निर्वाचन विभाग ने मतदान कार्मिकों को मतदाता सूची में सामने आई त्रुटियों और डुप्लिकेट नामों को लेकर सतर्क कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
