झांसी में अवैध खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर फायरिंग, बालू माफिया ने चलाई गोलियां
झांसी के नयागांव में अवैध बालू खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर बालू माफिया ने बंदूक और कट्टों ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
झांसी में अवैध बालू खनन रोकने गई टीम पर हमला।
बालू माफिया ने वनकर्मियों पर बंदूक-कट्टों से की फायरिंग।
पुलिस ने 9 नामजद, 6 अज्ञात पर मुकदमा किया दर्ज।
जागरण संवाददाता, मऊरानीपुर (झांसी)। नयागांव में धसान नदी के वनक्षेत्र में अवैध खनन रोकने पहुँची वन विभाग की टीम पर बालू माफिया ने बंदूक और देशी कट्टों से फायरिंग कर दी। जान बचाकर लौट रहे वनकर्मियों का आरोप है कि आरोपितों ने काफी दूर तक उनका पीछा किया और कई राउण्ड गोलियां चलाईं। कर्मचारियों ने किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाई।
वन अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी पुलिस को मौके पर नहीं पहुँची, जबकि लहचूरा थाना प्रभारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी ने रात में सूचना नहीं मिलने की बात कही है। रविवार की शाम दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने नौ लोगों को नामजद करते हुए छह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
वनरक्षक नैन्सी के अनुसार 24 अक्टूबर की शाम लगभग 8 बजे ग्राम लहदरा निवासी लोकेन्द्र सिंह ने सूचना दी कि नयागाँव के वनक्षेत्र में अवैध बालू खनन किया जा रहा है। इस पर वनरक्षक नैन्सी अपने रेंज स्टाफ वन दारोगा हरिओम, अजय सिंह, वनरक्षक दीपक कुमार, कर्मी खुमान, रघुवीर, प्रेमबाबू, रामचरन, चन्द्रभान, श्रीपत और यशपाल के साथ नया गाँव वन ब्लॉक के धसान नदी क्षेत्र में पहुँचीं।
टीम ने मौके पर देखा कि ग्राम लहदरा, हरपालपुर, जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) निवासी मानसिंह यादव, रघुवीर यादव, जयसिंह यादव, शिवकुमार यादव, पप्पू, राजकुमार, धतूरा ढीमर तथा ग्राम चौका, महोबकण्ठ (महोबा) निवासी दिलीप अहिरवार और धर्मेन्द्र कुशवाहा सहित छह अज्ञात व्यक्ति लिफ्टर बोट के माध्यम से नदी से बालू निकालकर ले जा रहे थे।
वनकर्मियों ने उन्हें रोककर वनक्षेत्र से बालू का अवैध खनन और परिवहन नहीं करने की चेतावनी दी। आरोप है कि इस पर सम्बन्धित लोग उत्तेजित हो गए और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने वनकर्मियों को मौके से भाग जाने के लिए कहा। कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना देकर वैधानिक कार्यवाही कराने की बात कही तो आरोपितों ने बन्दूक और कट्टों से कई राउण्ड फायर किए।
फायरिंग के बाद वन विभाग की टीम वापस लौटने लगी तो आरोपितों ने पीछा करते हुए फिर गोलियाँ चलाईं। कर्मचारियों ने किसी तरह वहाँ से निकलकर अपनी जान बचाई। लहचूरा पुलिस ने रविवार को नौ नामजद और छह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
रविवार की दोपहर उपजिलाधिकारी मनोज भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह और खनिज विभाग के अधिकारी नया गाँव स्थित धसान नदी क्षेत्र पहुँचे। अधिकारियों ने वहाँ हो रहे बालू खनन और परिवहन की जानकारी ली। वनक्षेत्राधिकारी कृष्णपाल द्विवेदी ने बताया कि वह दिन में खिसनी, कटेरा और लारौन वनक्षेत्र में थे।
रात में बालू खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, जहाँ खनन और परिवहन होता मिला। उनके अनुसार, इसकी सूचना लहचूरा पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुँची। बाद में वनकर्मियों पर जानलेवा फायरिंग की गई। बालू कारोबारियों ने अधिकारियों का पीछा करते हुए कई राउण्ड गोलियाँ चलाईं। इधर, लहचूरा थाना प्रभारी सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि वन विभाग की ओर से उन्हें तत्काल कोई सूचना नहीं दी गई थी।
एक ग्रामीण से सूचना मिलने पर वह तत्काल मौके पर पहुँचे थे। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस क्षेत्राधिकारी और उपजिलाधिकारी मऊरानीपुर को दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह ने भी कहा कि वन विभाग की टीम ने रात में पुलिस को सूचना नहीं दी थी। जानकारी मिलने पर वह रविवार को मौके पर पहुँचे। वन विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
10 दिन पहले भी वन विभाग ने दर्ज कराया था मुकदमा
धसान नदी में अवैध बालू खनन को लेकर वन विभाग इससे पहले भी कार्यवाही कर चुका है। 16 अक्टूबर को वनरक्षक नैन्सी ने उत्तर प्रदेश की सीमा में मध्य प्रदेश के चार लोगों द्वारा अवैध बालू खनन किए जाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। वन विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर को वनक्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ धसान नदी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान टीम ने उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित नदी में लिफ्टर मशीन के माध्यम से नावों में अवैध रूप से बालू भरते देखा। वन विभाग की टीम को आते देख मध्य प्रदेश के हरपालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लहदरा निवासी भानसिंह यादव, रघुवीर यादव, जयसिंह यादव और शिवकुमार यादव बालू से भरी नावों और लिफ्टर मशीन को लेकर मध्य प्रदेश की सीमा में भाग निकले। आरोपित खनन में प्रयुक्त अन्य सामग्री मौके पर छोड़कर फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर मिली खनन सामग्री जब्त कर ली थी।
