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झाँसी : प्रमाण-पत्र के साथ कोविड विजेता एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी।

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- स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ ने 10 ़िजलों में चलाया था टेलिकॉलिंग प्रोग्रैम

झाँसी : स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ द्वारा शुरू किए गए 'कोविड विजेता-टेलिकॉलिंग' प्रोग्रैम में सहयोग देने वाले कोविड विजेताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि कोविड की दूसरी लहर में कोविड का प्रसार इस तरह था कि हर किसी ने अपनों को खोया। ऐसे में होम आइसोलेशन में रह रहे मरी़जों के मानसिक तनाव और भय को कम करने के लिए कोविड से जंग जीत चुके कोविड विजेता आगे आए। कोविड विजेताओं ने टेलिकॉलिंग प्रोग्रैम के जरिये होम आइसोलेशन में रह रहे मरी़जों की जिज्ञासाओं को सुनकर उनकी शका को दूर किया। उन्होंने बताया कि यह प्रोग्रैम झाँसी सहित प्रदेश के 10 जनपदों में चलाया गया। झाँसी से कुल 7 कोविड विजेताओं ने इस प्रोग्रैम में प्रतिभाग कर 317 कोविड मरी़जों से बात की। उनके साथ होम आइसोलेशन में करने योग्य कार्य, योग से सम्बन्धित वीडियो साझा किए और सामाजिक भेदभाव तथा मानसिक तनाव से बाहर निकलने में मदद की। कोविड के पहले चरण में डॉ. नीति शास्त्री ने यूनिसेफ द्वारा सामाजिक जागरूकता के लिए बनाई गयी शॉर्ट फिल्मों में लेखन और उनके प्रतिपादन में भी सहयोग दिया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके जैन और सोनम राठौर ने कोविड से ग्रसित होने के समय पर अपने अनुभवों को साझा करते हुये एक वीडियो क्लिप भी बनाई थी जिसे राज्य स्तर से सभी सोशल प्लैटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।

इन कोविड विजेताओं ने किया प्रतिभाग

सबसे अधिक 64 कोविड मरी़जों से रविन्द्र ने बात की। वहीं, 56 लोगों से सोनम राठौर, 55 लोगों से डॉ. नीति शास्त्री, 53 से डॉ. प्रतीक गुबरेले, 35 से डॉ. रिचा व्यास, 32 से अंजली श्रीवास्तव एवं 22 से डॉ. सतीश चन्द्र ने बात की।

फाइल : मुकेश त्रिपाठी

Edited By: Jagran