0 नामांकन के साथ संलग्न करना होती है 4 विभागों की एनओसी

0 इशारा मिलते ही चुनावी महासंग्राम में ठोक सकते हैं ताल

झाँसी : पार्टी ने भले ही विधानसभा चुनाव का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर टिकिट के रण पर विराम लगा दिया है, लेकिन प्रत्याशियों की धड़कनें वह दावेदार अब भी बढ़ा रहे हैं, जिन्हें पार्टी ने अंगूठा दिखा दिया है, लेकिन वह फिर भी मैदान में आने के संकेत दे रहे हैं। ऐसे कई नेता हैं, जिन्होंने विभिन्न विभागों से नो-ड्यू़ज ले लिए हैं।

कौंग्रेस को छोड़कर शेष सभी दलों ने लगभग अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा मऊरानीपुर तो बसपा सदर सीट छोड़ शेष सभी सीट पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इससे टिकिट को लेकर असमंजस की स्थिति लगभग समाप्त हो गई है, लेकिन टिकिट मिलने के बाद भी प्रत्याशियों की ऩजर सरकारी विभागों से ली जा रही एनओसी पर टिकी है। दरअसल, हर राजनैतिक दल में प्रत्येक सीट पर टिकिट को लेकर दावेदारों की लम्बी कतार थी। पार्टी ने इनमें से एक दावेदार को मैदान में उतार दिया, जिससे चुनाव लड़ने का मन बना चुके कई दावेदारों को झटका लगा है। इनमें से कुछ ने तो खुली बगावत कर दी है तो कुछ शान्त हो गए हैं और अन्दरखाने में रणनीति बनाने में जुट गए हैं। और यही चुप्पा बागी अब प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ा रहे हैं। इनमें सबसे अधिक चर्चा बबीना सीट पर सपा से टिकिट माँग रहे वीरेन्द्र प्रताप सिंह को लेकर है, जिन्होंने टिकिट कटते ही सबसे पहले सोशल मीडिया पर आपत्ति दर्ज की तो अब शासकीय विभागों से नो-ड्यू़ज लेकर रण में उतरने के संकेत दे दिए हैं। भाजपा में वैसे तो किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया है, लेकिन राकेश गुप्ता व जगदीश साहू ने भी एनओसी ले ली है।

इन्होंने भी ली एनओसी

अरविन्द वशिष्ठ, दशरथ सिंह राजपूत, गंगा अहिरवार पत्‍‌नी तिलक चन्द्र अहिरवार, शरद प्रताप सिंह, यशपाल सिंह, लाली देवी पत्‍‌नी कृष्ण पाल, कैलाश साहू, रामकिशन रायकवार, सतेन्द्र शर्मा, रश्मि पत्‍‌नी प्रिंस कटियार, प्रिंस कटियार, सुरेश कुमार, त्रिवेणी पत्‍‌नी रतन लाल अहिरवार, दीपनारायण सिंह, राहुल रिछारिया, सुनीता शर्मा पत्‍‌नी रवि शर्मा।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran