0 नामांकन प्रक्रिया के कारण किया बाहर

0 2 घण्टे की बहस के बाद सिर्फ जरूरी का़ग़जात लेने की दी गई अनुमति

0 कलेक्टरेट में 100 से अधिक अधिवक्ताओं के बस्ते

0 5 फरवरी तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया

झाँसी : विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के लिए अभेद्य किले में तब्दील की गई कलेक्टरेट में प्रवेश करने से रोकने पर आज अधिवक्ताओं ने हंगामा कर दिया। लगभग 2 घण्टे तक अधिकारियों से बहस के बाद ़िजलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को बस्ते तक आने की अनुमति प्रदान कर दी, लेकिन वादकारियों के आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई।

कलेक्टरेट में 100 से अधिक अधिवक्ताओं के बस्ते हैं। सभी यहीं से मु़कदमों की पैरवी व वादकारियों से मुलाकात करते हैं। मंगलवार की सुबह जब वह कलेक्टरेट पहुँचे तो उन्हें बैरिकेड पर रोक लिया गया। अधिवक्ताओं ने न्यायालय सम्बन्धी कार्य की दुहाई दी, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। इसके बाद अधिवक्ता हंगामा करने लगे। जानकारी मिलते ही नगर मैजिस्ट्रेट राजेश कुमार पहुँचे और वार्ता की। उन्होंने सहयोग करने को कहा, लेकिन अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कह दिया कि नामांकन प्रक्रिया 10 दिन से अधिक चलेगी, ऐसे में उनका कार्य प्रभावित होगा। काफी देर की बहस के बाद ़िजलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अधिवक्ताओं को बस्ते तक जाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन नामांकन प्रक्रिया की अवधि में वादकारियों के कलेक्टरेट में प्रवेश पर रोक जारी रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि बार संघ के पदाधिकारियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने पदाधिकारियों से वार्ता की और इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई।

यह बोले अधिवक्ता

0 एड. अविनाश मिश्रा ने कहा कि पहले भी कलेक्टरेट में चुनाव की नामांकन प्रक्रिया होती रही है, लेकिन कभी भी अधिवक्ताओं को नहीं रोका गया है। गम्भीर मु़कदमे में अधिवक्ता की कोर्ट में अनुपस्थिति से वादकारी को परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

0 वरिष्ठ अधिवक्ता खेमराज सिंह नरवरिया के अनुसार इस बार प्रत्याशी के साथ नामांकन स्थल पर सिर्फ 2 प्रस्तावकों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है, जिससे भीड़ एकत्र नहीं होनी थी। इसके बावजूद इतनी सख़्त व्यवस्था और अधिवक्ताओं को प्रवेश करने से रोके जाने का कोई औचित्य नहीं है।

0 एड. गोविन्द सोनी के अनुसार पहले ही प्रशासन द्वारा प्रत्याशी के साथ के साथ महज 2 लोगों के प्रवेश की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही जुलूस पर भी पाबन्दी है तो भीड़ बढ़ने का सवाल नहीं है। ऐसे में इतनी सख्ती करना उचित नहीं है।

0 एड. अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि कलेक्टरेट में नामांकन प्रारम्भ होने पर बैरिकेड लगाकर अधिवक्ताओं को जाने से रोका गया है, यह गलत है। इससे पहले भी नामांकन प्रक्रिया हुई, लेकिन कभी अधिवक्ताओं को रोका नहीं गया है। वादकारियों को भी कलेक्टरेट में प्रवेश दिया जाना चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में व्यवधान न आए।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran