0 कुलपति चयन में अन्तिम पाँच शिक्षाविदों में एक महिला भी

0 कुलपति चयन की प्रक्रिया पूरी, राजभवन से सोमवार तक जारी हो सकता है आदेश

0 22 वर्ष पहले प्रो. सत्यवती पी. राहगीर रहीं है विश्वविद्यालय की कुलपति

झाँसी : बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की कमान 22 वर्ष बाद एक बार फिर महिला कुलपति को दी जा सकती है। अगले दो-तीन दिनों में नए कुलपति का आदेश यहाँ पहुँच सकता है।

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति के चयन के लिए प्रक्रिया पूरी हो गयी है। अब किसी भी दिन राजभवन से आदेश जारी हो सकता है। इसीलिए आजकल विश्वविद्यालय में फैक्स का इन्तजार बढ़ गया है। राज्यपाल आज सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय में दीक्षान्त समारोह में शामिल होने के लिए गयी हैं। उनके लखनऊ वापस लौटते ही आदेश जारी होने की उम्मीद है। जानकार बताते हैं कि कुलपति चयन की प्रक्रिया पूरी हो गयी है। राजभवन ने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति चयन के लिए कमिटि बनायी थी। इसमें विश्वविद्यालय कार्यपरिषद से एसबी निम्से के साथ कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक के साथ एक न्यायाधीश को रखा गया था। इस समिति ने कुलपति पद के लिए आवेदन करने वाले शिक्षाविदों में से 15 का चयन कर कमिटि ने साक्षात्कार लिया था। इस कमिटि ने साक्षात्कार के बाद 5 शिक्षाविद् चयनित कर राजभवन को नाम भेज दिए गए। जानकार बताते हैं कि राजभवन में सभी 5 शिक्षाविद् का साक्षात्कार हो गया। अब कुलाधिपति को कुलपति के चयन पर मोहर लगानी है। उनके आदेश के बाद कभी भी फैक्स आ सकता है। इन चयनित पाँच शिक्षाविदों में एक महिला शिक्षाविद् भी शामिल है। इसीलिए 22 वर्ष बाद फिर महिला कुलपति भी मिल सकती हैं। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में प्रो. सत्यवती पी. राहगीर वर्ष 1994 से 1997 तक कुलपति रहीं थी। हालाँकि इस बीच आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. गार्गी के पास कुछ महीनों के लिए कुलपति का प्रभार रहा है।

10 जनवरी को है दीक्षान्त समारोह

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का दीक्षान्त समारोह 10 जनवरी को है। दीक्षान्त समारोह की तैयारी के लिए कमिटि बना दी गयी है। इसमें मेडल कमिटि से लेकर अन्य कमिटि ने काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन कई निर्णयों के लिए कुलपति का इन्त़जार है। अभी कुलपति का अतिरिक्त प्रभार एचबीयूटी के कुलपति प्रो. शमशेर के पास है।

युवाओं में उद्यमिता विकास के लिए बीआइइटी में खुलेगा इनक्यूबेटर सेण्टर

झाँसी : बुन्देलखण्ड, विशेषकर झाँसी के युवाओं व छात्र-छात्राओं में उद्यमिता विकास व नव प्रवर्तन को बढ़ावा देकर उन्हें मार्गदर्शन व परामर्श देने के लिए बीआइईटी में इनक्यूबेटर सेण्टर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए गए हैं।

बुन्देलखण्ड अभियान्त्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआइईटी) के निदेशक प्रो. पुलक मोहन पाण्डे ने बताया कि प्रदेश सरकार तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में बीआइईटी में इनक्यूबेटर सेण्टर की स्थापना का निर्णय लिया है। झाँसी व बुन्देलखण्ड के युवाओं के उद्यमिता विकास के लिए नवप्रवर्तन तथा स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेटर सेण्टर में मार्गदर्शन दिया जाएगा। संस्थान के छात्र-छात्राओं के साथ युवाओं को उद्यमिता विकास के लिए मार्गदर्शन और तकनीक सहयोग के लिए बीआइईटी में आवेदन कर सकते हैं। सेण्टर की समन्वयक संस्थान की डीन (आरऐण्डडी) डॉ. शहना़ज अयूब ने कहा नवप्रवर्तन व स्टार्ट-अप के लिए मार्गदर्शन, परामर्श व तकनीकि सहयोग दिया जाएगा।

फाइल-रघुवीर शर्मा

समय-7.15

4 दिसम्बर 21

Edited By: Jagran