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झाँसी : हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टर। -जागरण

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- पिछड़ गया कोर्स, काउंसलिंग भी लेट

- अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये छात्र-छात्राएं

- आकस्मिक एवं ओपीडी सेवाओं को रखा मुक्त

झाँसी : मेडिकल कॉलिज के छात्र-छात्राओं के भविष्य पर खतरा मँडरा रहा है। जिन छात्र-छात्राओं का दूसरा बैच शुरू हो जाना चाहिये था, वे अभी पहले बैच में ही अटके हुये हैं। इसकी मुख्य वजह कोर्स का पिछड़ना और काउंसिलिंग में देरी होना है। चिन्तित छात्र-छात्राओं ने इसे लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं को फिलहाल हड़ताल से मुक्त रखा गया हैं।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलिज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को तीन बैच में शिक्षा लेना होती है। जेआर-1, जेआर-2 और जेआर-3 के लिये एक-एक साल का पाठ्यक्रम होता है। जेआर-3 पूरा करने के बाद परिणाम घोषित होते हैं, जिसमें सफल छात्र-छात्राओं को चिकित्सक कार्य की डिग्री मिलती है। जून में पहला बैच पूरा हो जाना चाहिये था, लेकिन अब तक काउंसलिंग न होने से उनका लगभग 5 माह का समय ऐसे ही निकल गया है। कायदे से पहले बैच वाले छात्र अब जेआर-2 की पात्रता हासिल कर चुके हैं, परन्तु उन्हें जेआर-1 का ही काम करना पड़ रहा है और प्रशिक्षण भी नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि वे नियत समय तक पूरी तरह डॉक्टर बन भी पाएंगे या नहीं।

यह हो रहा नु़कसान

रे़िजडेण्ट डॉक्टर्स असोसिएशन की मानें तो पूरे देश में पाठ्यक्रम पिछड़ गया है। काउंसिलिंग बार-बार टाले जाने के कारण रे़िजडेण्ट डॉक्टर मानसिक एवं शारीरिक तनाव से गु़जर रहे हैं। जेआर-1 को जेआर-2 का भी काम करना पड़ रहा है, जिससे उन पर दोहरा दबाव है। प्रति 2000 मरी़ज पर एक डॉक्टर ही कार्यरत है। चिकित्सकों की कमी से मरी़जों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।

यह बोले रेजिडेण्ट डॉक्टर

0 रे़िजडेण्ट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष निखिल मिश्रा के अनुसार पहले नीट की परीक्षाएं देर से करायी गयीं। फिर काउंसलिंग के बार-बार टाले जाने के कारण उनका साल बर्बाद हो रहा है। प्रथम बैच भी शुरू नहीं हो सका है, जिससे मेडिकल क्षेत्र में आने के इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। यदि सरकार ने जल्द फैसला न लिया तो हड़ताल को उग्र किया जाएगा।

0 जेआर-2 ऑर्थो के डॉ. राहुल भारती ने कहा कि मरी़जों तथा आम जनमानस को परेशानी न हो इसलिये आकस्मिक और ओपीडी सेवाओं को सुचारू रखा गया है और सीनियर डॉक्टर सेवाएं देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पहले साल छात्र-छात्राएं केवल आधारभूत जानकारी ही ले पाते हैं। दूसरे साल उन्हें सही प्रशिक्षण मिलता है, लेकिन पाठ्यक्रम पिछड़ जाने के कारण दूसरे साल के छात्र-छात्राएं इससे वंचित हो रहे हैं।

0 असोसिएशन के सचिव एवं जेआर-2 सर्जरी डॉ. आ़जाद कुमार ने कहा कि मई में परीक्षाएं हुयीं लेकिन काउंसिलिंग अभी तक नहीं हो पायी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से काउंसिलिंग में देरी के लिये जवाब माँगा है, लेकिन अभी तक सरकार कोई जवाब नहीं दे पायी है। वे अभी तक ऑनलाइन ही सरकार तक अपनी माँगे पहुँचा रहे थे, लेकिन अब ऑफलाइन हड़ताल पर म़जबूर हुये हैं। जब तक सरकार ठोस आश्वासन नहीं देती उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

क्लिनिक स्टेब्लिशमेण्ट के विरोध में आये नर्सिगहोम

झाँसी : झाँसी प्राइवेट हॉस्पिटल ऐण्ड नर्सिग होम असोसिएशन ने क्लिनिक स्टेब्लिशमेण्ट ऐक्ट लागू होने के विरोध में आन्दोलन की चेतावनी दी है।

असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरआर सिंह की अध्यक्षता में हुयी बैठक में बताया गया कि सरकार जनवरी से क्लिनिक स्टेब्लिशमेण्ट ऐक्ट लागू करने जा रही है। इससे छोटे हॉस्पिटल एवं क्लिनिक बन्द हो जाएंगे और आम जनता को कॉरपोरेट हॉस्पिटल में महँगा इलाज कराना पड़ेगा। ऐक्ट लागू होने से क्लिनिक और हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा, जिसके मानक और नियम काफी कड़े हैं। सचिव डॉ. धीरज प्रकाश ने बताया कि यदि इस ऐक्ट को वापस न लिया गया तो हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। बैठक में डॉ. आरसी अरोरा, डॉ. डीएन मिश्रा, डॉ. मुकेश नजा, डॉ. आरपी श्रीवास्तव, डॉ. संजय त्रिपाठी, डॉ. एके साँवल, डॉ. राजेश पचौरिया, डॉ. सतीश अग्रवाल, डॉ. सतीश अग्रवाल, डॉ. नवल खुराना, डॉ. राजीव त्रिपाठी, डॉ. मनीष जैन, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. राजकुमार राजपूत, डॉ. गौरव सेठ आदि उपस्थित रहे।

Edited By: Jagran