फोटो : 21 जेएचएस 3

झाँसी : विकास भवन सभागार में विभिन्न स्वरो़जगार योजनाओं की समीक्षा करते ़िजलाधिकारी।

0 बैंकर्स को कैम्प ऑफिस में बैठकर लम्बित आवेदन निस्तारित करने के निर्देश दिए

झाँसी : सियासी मुद्दा बन रही बेरो़जगारी का कलंक धोने के लिए सरकार द्वारा युवाओं को स्वरो़जगार से जोड़ने के लिए थोक में ऋण योजनाएं लौंच की हैं, लेकिन अधिकांश बैक ऋण आवेदनों पर कुण्डली मारकर बैठ गए हैं। बैंक न 'हाँ' कर रहे हैं और न ही आवेदन वापस कर रहे हैं। ़िजलाधिकारी ने आज ऐसे बैंकर्स की जमकर क्लास लगाई तथा कैम्प कार्यालय में बैठकर लम्बित ऋण आवेदन निस्तारित करने के निर्देश दिए। ़िजलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में ़िजला समन्वय समिति की बैठक में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वरो़जगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और बैंक की खराब प्रगति पर कड़ी नारा़जगी जतायी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार, अग्रणी बैंक प्रबन्धक अरुण कुमार, ़िजला विकास अधिकारी सुनील कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए उपेन्द्र पाल आदि मौजूद रहे।

यह है योजनाओं की स्थिति

0 युवा स्वरो़जगार योजना में बैंक में 398 आवेदन पत्रों में से 45 आवेदन ही स्वीकृत किए और 25 लोगों को ऋण वितरण किए गए।

0 एक जनपद-एक उत्पाद योजना के तहत लगभग एक दर्जन बैंक में 269 आवेदन आए। इसके सापेक्ष 50 आवेदन पत्रों को स्वीकृत करते हुए महज 13 लाभार्थियों को ऋण वितरण किया गया।

0 प्रधानमन्त्री हथकरघा मुद्रा योजना में विभिन्न बैंक को 250 का लक्ष्य दिया गया। अब तक 604 आवेदन पत्र प्रेषित किए और 118 आवेदन पत्र ही स्वीकृत हुए।

0 पीएम स्वनिधि योजना में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 2,390 आवेदन पत्रों में से 1,062 में योजना का लाभ दिया गया, जबकि 463 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया। अभी भी 1,328 आवेदन पत्र लम्बित हैं।

इन बैंक अधिकारियों की लगाई फटकार

़िजलाधिकारी ने भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के ़िजला समन्वय को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

फाइल-रघुवीर शर्मा

समय-7.00

21 अक्टूबर 21

Edited By: Jagran