- डिमाण्ड कम होते ही लिया गया निर्णय

- पारीछा की बिजली अन्य जगहों से महँगी

झाँसी : पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट में रविवार को अपराह्न 4 बजे उत्पादन पूरी तरह बन्द कर दिया गया। यह निर्णय कोयले की कमी के चलते नहीं, ग्रिड में डिमाण्ड कम होने के चलते लिया गया। कारण, यहाँ जो बिजली बनती है उसकी प्रति यूनिट दर अन्य स्थानों से महँगी है। जैसे ही डिमाण्ड बढ़ेगी, उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

पारीछा तापीय विद्युत परियोजना में लगी चार यूनिट प्रतिदिन 15-16 ह़जार मेगावॉट बिजली का उत्पादन करती हैं। इनमें से 2 यूनिट कोयले संकट के चलते पहले ही बन्द कर दी गई। स्थिति सुधरने पर तीसरी यूनिट शुरू कर दी गई। रविवार को कुछ क्षेत्रों में बारिश होने से ग्रिड में डिमाण्ड कम हो गई और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पारीछा पावर हाउस की तीनों संचालित यूनिट को बन्द कर दिया गया। कहा गया कि जब डिमाण्ड बढे़गी तो उत्पादन पुन: शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले इसी वर्ष जून व अगस्त में भी डिमाण्ड कम होने पर उत्पादन पूरी तरह बन्द किया गया था। पारीछा स्टॉक में फिलहाल 10 ह़जार मीट्रिक टन कोयला मौजूद हैं। रविवार को भी दो रैक कोयला आया।

फोटो हाफ कॉलम

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इन्होंने कहा

'बारिश के चलते ग्रिड में डिमाण्ड कम हो गई। हमने दिन में 4 बजे तक उत्पादन किया। 4 बजे डिमाण्ड घट कर लगभग 10 ह़जार मेगावॉट आ गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि तुरन्त उत्पादन रोक दिया जाए। क्योंकि पारीछा में बनने वाली बिजली लगभग 4.50 पैसे पड़ती है, जबकि अन्य पावर हाउस में उत्पादन सस्ता है। जैसे ही डिमाण्ड बढ़ेगी, उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल सरकार अनपारा, ओबरा, सिंगरौली से उत्पादित बिजली का वितरण कर रही है।'

मनोज सचान

मुख्य महाप्रबन्धक

पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट

Edited By: Jagran