0 मिशन कम्पाउण्ड में एक संस्था ने तैयार किया किचन गार्डन

0 दावा- 90 प्रतिशत पानी की होगी बचत

झाँसी : शायद आपको अटपटा लगे, लेकिन सच है। मिशन कम्पाउण्ड में एक संस्था ने ऐसा किचन गार्डन तैयार किया है, जिसमें बिना मिट्टी के ही फल, फूल और सब़्िजयाँ पैदा की जा रही हैं। दावा है कि इस हाइड्रोपोनिक खेती की पद्धति से सामान्य खेती की अपेक्षा 90 प्रतिशत तक पानी की बचत होगी।

नीरजा (न्यू इनिशिएटिव फॉर रेजुवेनेटिंग ऐग्रिकल्चर) संस्थान द्वारा मिशन कम्पाउण्ड में इस नई पद्धति से किचन गार्डन तैयार किया गया है। शनिवार को इस किचन गार्डन का प्रदर्शन करने के साथ ही हाइड्रापोनिक खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता डीन उद्यान एवं वानिकी डॉ. एके पाण्डेय ने की। कार्यक्रम में बताया गया कि हाइड्रोपोनिक्स खेती का ऐसा तरीका है, जिसमें बिना मिट्टी के खेती की जाती है। इस पद्धति से सीधे पौधे की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। मिट्टी की आवश्यकता नहीं होने से इस खेती को कहीं भी किया जा सकता है। मिशन कम्पाउण्ड में लगाए गए किचन गार्डन में गुलाब, रजनीगन्धा, पत्तेदार साग, लौकी, भिण्डी, करेला, टमाटर, मिर्च, कद्दू, बैंगन, हल्दी, अरबी, पालक, धनिया, लेटिस का प्रदर्शन किया गया। दावा किया गया कि यह उत्पादन बिना मिट्टी व कीटनाशक के किया गया। इस अवसर पर संस्थापक नीरजा राजश्री मिश्रा तिवारी, असोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव शर्मा, टीम नीरजा के सदस्य सुजीत चतुर्वेदी, प्रियंक तिवारी, गिरिजा नायर, अनस अंसारी, दीपक सिंह, सृष्टि जैन, निधि सिंह, हेमन्त यादव आदि उपस्थित रहे।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran