लोगो : जागरण एक्सक्लूसिव

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- मण्डल के 14 विभाग में चल रही कर्मियों के रिकॉर्ड की जाँच

- कार्य में हीलाहवाली मिलने पर समय से पहले मिलेगी सेवानिवृत्ति

- इलेक्ट्रिकल विभाग के एक कर्मी को मिल गया फोर्स रिटायरमेण्ट

झाँसी : भ्रष्टाचार के ख़्िाला़फ केन्द्र सरकार के ़जीरो टॉलरेन्स की नीति पर भारतीय रेल तेजी से अमल कर रही है। रेलवे बोर्ड ने झाँसी मण्डल सहित अन्य ़जोनल रेलवे को निर्देश दिए हैं कि मण्डल के सभी विभागों में कार्यरत ऐसे कर्मियों की सूची तैयार की जाए, जिन्होंने सेवा में भ्रष्टाचार या भारतीय रेल की नीति के विरुद्ध काम किया है। ऐसे कर्मियों को रेलवे फोर्स रिटायरमेण्ट देकर सेवा से बाहर करेगा। मण्डल के एक दर्जन से अधिक विभाग के लगभग दो ह़जार कर्मियों का सर्विस रिकॉर्ड खँगाला जा रहा है। वहीं, विद्युत विभाग के एक कर्मी को इस नियम के तहत सेवानिवृत्ति दी जा चुकी है।

रेलकर्मियों को कार्य में अक्सर लापरवाही बरतने या भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जाने पर विभागीय कार्यवाही कर निलम्बन और अन्य दण्डात्मक कार्यवाही की जाती है। अधिकाश रेलकर्मी एक बार मिले दण्ड से अपनी कार्य प्रणाली में सुधार कर लेते हैं नी कुछ कर्मी बार-बार दण्ड मिलने के बाद भी वही रवैया अपनाए रहते हैं। अब ऐसा करने वालों के पिछले कर्म उनकी नौकरी के लिए काल सिद्ध होने वाले हैं। रेलवे बोर्ड ने मण्डल के उन कर्मियों की कुण्डली खँगालने के निर्देश जारी किए हैं, जिनकी नौकरी 30 वर्ष की हो गई है या जो रेलकर्मी 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। रेलवे बोर्ड के सचिव आरएन सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबन्धक को लिखे पत्र में कहा है कि ़जोनल रेलवे के अन्तर्गत आने वाले सभी मण्डल में कार्यरत कर्मियों के सर्विस रिकॉर्ड की जाँच की जाए। उनके वार्षिक चरित्र सत्यापन पत्र को देखा जाए कि उन्हें भ्रष्टाचार और विभाग के विरुद्ध कार्य करने के लिए दण्डित किया गया है या नहीं। इसके साथ ही उनकी कार्य गुणवत्ता का भी आकलन किया जाए। ऐसे कर्मियों को शॉर्ट लिस्ट कर उनका पूरा ब्यौरा रेलवे बोर्ड को भेजा जाए ताकि उच्च स्तरीय कमिटि फोर्स रिटार्यमेण्ट पर निर्णय ले सके। इस आदेश के बाद मण्डल के कर्मियों में अफरा-तफरी मची हुई है।

1904 रेलकर्मियों की हो रही जाँच

झाँसी मण्डल रेल के 24 विभाग ऐसे हैं 1904 रेलकर्मी ऐसे हैं जिन्होंने 30 साल की नौकरी और 55 साल की आयु पूरी कर ली है। इन कर्मियों को सेवा के दौरान प्रदर्शन के आधार पर हर साल वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उनके सर्विस रिकॉर्ड पर ग्रेड प्रदान की जाती है। इसका लाभ उन्हें पदोन्नति में मिलती है। अब ऐसे ही सभी कर्मियों के सर्विस रिकॉर्ड खँगाले जा रहे हैं। इन कर्मियों की सूची रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसके बाद बोर्ड उनके समय पहले रिटायरमेण्ट पर निर्णय लेगा।

इन विभाग के इतने कर्मियों की हो रही जाँच

रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद मण्डल के अभियान्त्रिकी विभाग में गु्रप-सी के 1003 कर्मी, सिग्नल ऐण्ड टेलिकॉम विभाग के 113 कर्मी, वाणिज्य विभाग के 223 कर्मी, मिकैनिकल विभाग के दो अन्य अनुभाग सहित 55 कर्मी, ऑपरेटिंग विभाग के 180 कर्मी, इलेक्ट्रिकल विभाग के 214, पर्सनल विभाग के 3 कर्मी व चिकित्सा विभाग के 113 कर्मियों का सर्विस रिकॉर्ड देखा जा रहा है।

अधिकारी की नारा़जगी न पड़ जाए भारी

रेलवे बोर्ड के समय से पहले सेवानिवृत्ति के नियम से जहाँ भारतीय रेल को भ्रष्टाचार से निपटने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ऐसे कर्मियों पर होने वाला खर्च भी बचेगा। लेकिन इस निर्णय का दूसरा पहलू रेलकर्मियों के लिए भय का कारण बन गया है। कर्मी भले ही सामने आकर नहीं बोल रहे, लेकिन उनका कहना है कि कई अधिकारी ऐसे हैं जो कर्मियों पर मनमानी करते हैं। वह कहते हैं कि यदि किसी कर्मी ने अधिकारी की बात न मानी तो वह उनका सर्विस रिकॉर्ड बिगाड़ सकते हैं। इसका खमियाजा उन्हें समयपूर्व सेवानिवृत्त होकर चुकाना पड़ सकता है।

फाइल : वसीम शेख

समय : 08 :00

15 सितम्बर 2021

Edited By: Jagran