फोटो : 4 जेएचएस 26

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ग्रामीणों के साथ ही मवेशियों को नाव के माध्यम से निकालते सेना के जवान।

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रेस्क्यू ऑपरेशन

0 शिवपुरी व श्योपुर के कई गाँव में भर गया सिन्ध नदी की बाढ़ का पानी

0 मंगलवार की शाम को भेजे गए जवान

0 आधा दर्जन गाँवों में फँसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया

झाँसी : खतरे का निशान लाँघ चुकी सिन्ध नदी ने अब गाँवों में ताण्डव शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी, श्योपुर व दतिया के कई गाँवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ में फँसे ग्रामीणों व मवेशियों को सुरक्षित निकालने के लिए झाँसी व बबीना से 200 सैनिकों की टुकड़ी पहुँच चुकी है, जो मंगलवार की रात से ही गाँवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सेना के जवानों द्वारा उत्पाती लहरों के बीच से अब तक कई ग्रामीणों व मवेशियों की जान बचाई जा चुकी है, जबकि ऑपरेशन अभी जारी है।

बुन्देलखण्ड के माथे पर लगे सूखे का कलंक धोने को आतुर मॉनसून ने अब तबाही की कहानी लिखनी शुरू कर दी है। पिछले 4 दिन से अलग-अलग क्षेत्रों में मूसलधार बरसात हो रही है। झाँसी व उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुन्देलखण्ड में तो अब मॉनसून शान्त हो गया है, लेकिन मध्य प्रदेश के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर में भारी बरसात से नदियाँ उफान पर आ गई हैं। यहाँ की प्रमुख सिन्धु नदी ने तो रौद्र रूप धारण कर लिया है। 2 दिन से खतरे के निशान से ऊपर बह रही इस नदी ने अब तक कई पुलों को धराशायी कर दिया है, जिससे झाँसी-ग्वालियर मार्ग का सम्पर्क टूट चुका है। तटबन्ध तोड़कर सिन्ध नदी ने अब गाँवों की ओर रुख कर लिया है। मंगलवार को शिवपुरी, श्योपुर व दतिया के कई गाँवों में सिन्धु की बाढ़ का पानी भर गया, जिससे जनजीवन पर बढ़ा खतरा मँडराने लगा। शिवपुरी व श्योपुर के जिला प्रशासन ने सेना के व्हाइट टाइगर डिवि़जन मोबलाइ़ज्ड फ्लड रिलीफ टीम से मदद माँगी। इसके बाद झाँसी व बबीना से 200 से अधिक जवानों का दल अलग-अलग जनपदों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना हो गया। मंगलवार की देर शाम सेना के जवानों ने बाढ़ प्रभावित गाँवों में जाकर घरों की छतों व ऊँचे क्षेत्रों में फँसे ग्रामीणों व मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। बुधवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

4 गाँव में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

तटबन्ध तोड़ चुकी सिन्ध नदी की बाढ़ का पानी वैसे तो कई गाँवों में प्रवेश कर गया, लेकिन भितरवार, पुल्हा, श्योपुर देहात व दतिया के एक गाँव में अधिक ताण्डव मचाया है। यहाँ 4 से 5 फीट पानी भर गया तो बहाव तेज होने से ग्रामीणों की जान आफत में आ गई। सेना के जवानों ने इस भीषण तबाही के बीच से ग्रामीणों की जान बचाई।

सर्च लाइट से चला रेस्क्यू ऑपरेशन

मंगलवार की रात को जब सेना के जवान बाढ़ प्रभावित गाँवों में पहुँचे तो वहाँ सबसे बड़ी दिक्कत अँधेरे से आई। बिजली गुल थी और लहरों का बहाव उत्पाती हो चुका था। ऐसे में सेना के जवानों ने सर्च लाइट का सहारा लिया और ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला।

अभी 3 दिन डेरा डाले रहेगी टीम

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मध्य प्रदेश गई सेना की टुकड़ी अभी 3 दिन वहीं डेरा डालेगी। दरअसल, मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे नदियों का वेग अभी बढ़ सकता है। ऐसे में तत्काल मदद की आवश्यकता होगी, जिसके लिए सेना के जवान फिलहाल मुस्तैद रहेंगे।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran