- मऊरानीपुर के एक परिवार के 6 सदस्यों के कार्ड पर जोड़े गए 190 अन्य लोग

- ़गा़जीपुर, आ़जमगढ़ व इन्दौर से हुई गड़बड़ी, आरोग्य मित्र जाँच के घेरे में

- आधार कार्ड की अनिवार्यता हटते ही टारगेट पूरा करने की जल्दबाजी का है नतीजा

झाँसी : बीते दिवस मेरठ में नैशनल ऐण्टि फ्रॉड एजेन्सी द्वारा आयुष्मान कार्ड में पकड़ा गया गड़बड़झाला ़गा़जीपुर, आ़जमगढ़ व इन्दौर के आरोग्य मित्रों की देन है। झाँसी के मऊरानीपुर निवासी एक परिवार के 6 सदस्यों के कार्ड पर 190 अन्य लोगों को जोड़ दिया गया। अब यह कार्ड निरस्त हो जाएगा। माना जा रहा है कि टारगेट पूरा करने की जल्दबाजी में कर्मचारियों ने यह कारनामा कर डाला।

आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2011 की आर्थिक आय के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया। ग्राम विकास विभाग के पास लाभार्थियों की सूची भी उपलब्ध है। इसके लिए प्रत्येक जनपद को लक्ष्य दिया गया था, हर पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ मिल सके। सरकारी अस्पताल में इस योजना के तहत आरोग्य मित्र रखे गए। काउण्टर खोले गए, ताकि लाभार्थियों को कार्ड बनवाने में किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े, लेकिन टारगेट पूरा करने की जल्दबाजी में आरोग्य मित्रों ने इस 'आयुष्मान' को श्राप में बदल दिया। शासन के निर्देश पर आरोग्य मित्रों को बिना आधार कार्ड के नाम शामिल करने की अनुमति दी गयी थी, वहीं चूक हो गयी। बीते दिवस मेरठ में झाँसी का जो मामला पकड़ा गया, उसमें भी ऐसा ही खेल हुआ था। इस कार्ड में मऊरानीपुर निवासी हरकुँवर (64), दामोदर (69), हरनारायण (29), किदारीलाल (26), कविता (20) व खुशी (7) का नाम दर्ज था। मार्च 2019 में आ़जमगढ़, ़गा़जीपुर व इन्दौर से इसी में 190 लोगों के नाम जोड़ दिये गए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीके निगम ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में 1 लाख 83 ह़जार 86 लाभार्थियों का चयन किया गया। इसमें से 83 ह़जार लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाये गए। इसके अलावा बड़ागाँव, मऊरानीपुर व चिरगाँव में स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाये जा रहे हैं। जनपद स्तर पर कोई गलती नहीं हुई है, लाभार्थी मऊरानीपुर का रहने वाला है। जिन आरोग्य मित्रों ने गड़बड़ी की, उनकी जाँच की जा रही है।

15 कार्ड निरस्त करने की संस्तुति

आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड की जनपद में जाँच करायी गयी, तो कुछ कार्ड एक ही नाम के तथा डुप्लिकेट मिलने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 गोल्डन कार्ड निरस्त करने की संस्तुति की गयी है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गयी है।

फाइल : राकेश यादव

समय : 7.30 बजे

10 दिसम्बर 2019

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