जागरण संवाददाता, जौनपुर : संकष्ठी गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को महिलाओं ने निराजल व्रत रखा। दिनभर बाजारों में प्रसाद, पूजा सामग्री आदि की खरीदारी की। रात में चंद्रमा के उदय होने पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की। तत्पश्चात व्रती महिलाओं ने फलाहार किया।

प्रथम पूज्य गणेश की चतुर्थी पर उनके पूजन के लिए महिलाओं ने दिनभर निराजल व्रत रखा। रात में चंद्रोदय से पूर्व स्नान व नया वस्त्र धारण किया। घर के आंगन या छत पर गोबर से लेपन कर चौक बनाया। चौक में पूजन की सारी वस्तुएं व भगवान गणेश की प्रतिमा रखी। रात 8 बजकर 39 मिनट पर चंद्रमा के उदय होते ही विधिविधान से पूजन कर तांबे के पात्र से अ‌र्घ्य दिया। तत्पश्चात लाल चंदन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत, शमी पत्र आदि अर्पित किया।

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