जागरण संवाददाता, शाहगंज (जौनपुर) : क्षेत्र के विभिन्न गांवों के रास्तों से यह पता चल जाता है कि जमीनी स्तर पर कितना विकास हुआ है। ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने के दावे तो बहुत किए गए, लेकिन वास्तविकता इससे परे है। उदाहरण के रूप में सबरहद उत्तर बस्ती व धनिया कूड़ी मार्ग को लिया जा सकता है।

बेहतर सड़क को विकास की पहली सीढ़ी माना जाती है, लेकिन इसे लेकर कुछ खास किया नहीं गया। यही वजह है कि जर्जर सड़क पर राहगीर जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। संबंधित मार्ग की वर्षों से मरम्मत की ही नहीं गई। अधिकारियों संग जनप्रतिनिधियों ने भी इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया।

शाहगंज सोंधी ब्लाक के सबरहद व धनिया कूडी मार्ग पूरी तरह खत्म हो चुका है। मार्ग के बीचोबीच गड्ढों से वाहन चालक आएदिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। सबरहद निवासी सलमान बताते हैं कि बार-बार शिकायत के बावजूद भी इस मार्ग की सुधि नहीं ली जा रही है, जबकि इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों छात्र व राहगीर आते जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस उपेक्षा के लिए अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधि भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।

इस संबंध में ग्राम प्रधान मुकेश राजभर ने बताया कि बजट के अभाव की वजह से कार्य शुरू नहीं हो सका है। बजट मिलते ही मार्ग को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।

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