जागरण संवाददाता, जौनपुर: दस बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के विरोध में मंगलवार को बैंक कर्मियों की हड़ताल का जिले में मिला-जुला असर दिखा। नगर समेत ग्रामीण इलाकों के अधिकतर बैंक खुले रहे। हालांकि पीएनबी, सिडिकेट, कार्पोरेशन व ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स जैसे बैंकों में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लगभग 50 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।

कुछ बैंक कर्मियों ने ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन व बैंक इंप्लाइज फेडरेशन एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा हड़ताल के आह्वान का समर्थन करते हुए कार्य नहीं किया और बैंकों में ताले जड़ बाहर खड़े रहे। हालांकि इस हड़ताल में अधिकतर क्लर्कियल स्टॉफ ही शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर एसबीआई व यूनियन बैंक आफ इंडिया के कर्मी पूर्व की तरह कार्य करते नजर आए। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना रहा कि बैंकों का विलय किसी भी मायने में उचित नहीं है। ऐसा करने से बैंक कर्मियों का बड़े पैमाने पर नुकसान होगा, जिसे सोचने की जरूरत है। यूपी बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष शंभूनाथ जायसवाल ने कहा कि बैंकों के विलय से बड़ी संख्या में शाखाएं बंद हो जाएंगी, जो सीधे तौर पर रोजगार को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। ऐसे में सरकार के इस फैसले का असर युवाओं के भविष्य पर भी पड़ेगा।

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