एशियन गेम्स में मेडल जीतकर जौनपुर में अपने पैतृक गांव लौटे रोहित यादव, बेटे की कामयाबी पर माता-पिता के छलके आंसू
जापान के नागोया में एशियाई खेल में भाला फेंक में कांस्य पदक जीतकर रोहित यादव अपने पैतृक गांव जौनपुर के अदारी डभिया लौटे।
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एशियन गेम्स में भाला फेक के लिए कांस्य पदक जीतने के बाद मीरगंज क्षेत्र के अदारी गांव स्थित घर पहुंचने पर खिलाड़ी रोहित यादव के मेडल को चूमती माता पुष्पा देवी साथ में पिता सभाजीत यादव व स्वजन
HighLights
रोहित यादव ने एशियाई खेल में भाला फेंक में कांस्य पदक जीता।
जौनपुर में पैतृक गांव लौटने पर उनका भव्य स्वागत हुआ।
बेटे की सफलता देख माता-पिता की आंखें खुशी से नम हुईं।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। जापान के नागोया में एशियाई खेल में भाला फेंक में कांस्य पदक जीतकर लौटे क्षेत्र के अदारी डभिया के लाल रोहित यादव के स्वागत में शुक्रवार को मियाचक से अदारी तक लोग उमड़ पड़े।
खुली जीप में निकले स्वागत जुलूस के रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। अपने चैंपियन की एक झलक पाने के लिए बाजारों और चौराहों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। जमकर नारेबाजी और जयकारे लगे।
मियाचक से शुरू हुआ विजय जुलूस बंधवा बाजार, जगदीशपुर और गोधना बाजार होते हुए अदारी पहुंचा। युवाओं ने अपने नायक के साथ तस्वीरें खिंचाईं और पदक जीतने पर बधाई दी।

ग्रामीणों का कहना था कि रोहित की सफलता केवल एक पदक नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए खेलों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा है। गांव-गांव से लोग स्वागत के लिए पहुंचे। जापान के नागोया से गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचे रोहित यादव शुक्रवार सुबह हवाई जहाज से बाबतपुर एयरपोर्ट वाराणसी पहुंचे।
रोहित यादव की उपलब्धियां एक नजर में
- 2016- तुर्की में आयोजित विश्व स्कूल खेलों में स्वर्ण पदक
- 2018- बैंकाक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक
- 22 अगस्त 2026- कांटिनेंटल टूर सिल्वर मीट में स्वर्ण पदक
- 10 सितंबर 2026- दिल्ली इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में प्रथम स्थान
- 28 सितंबर 2026- जापान के नागोया में 20 वें एशियाई खेल में कांस्य पदक
बेटे की कामयाबी पर छलकी मां की आंखें
पदक विजेता रोहित यादव गांव लौटे तो मां पुष्पा देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। बेटे को सामने देखकर वह भावुक हो उठीं। वर्षों से बेटे को मैदान में पसीना बहाते और सफलता के लिए संघर्ष करते देखने वाली मां के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था।
बेटे को सीने से लगाते हुए कहा कि यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सुख है। पिता सभाजीत यादव भी बेटे की सफलता पर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, रोहित के गले में पड़ा कांस्य पदक हमारे लिए सोने से भी बढ़कर है। रोहित ने कहा, मेरे लिए मेरा गांव, मेरा देश सबसे प्यारा है। लोगों के प्यार से अभिभूत हूं।
