विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 20 साल के लिए बनेगा डिजिटल नेटवर्क, 2500-3000 इंटरनेट प्वाइंट लगाने की तैयारी

Published: Thu, 17 Sep 2026 04:03 PM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार कर रहा है।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 20 साल के लिए बनेगा डिजिटल नेटवर्क।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 20 साल के लिए बनेगा डिजिटल नेटवर्क।

HighLights

  1. विश्वविद्यालय में अगले 20 वर्षों के लिए डिजिटल नेटवर्क तैयार होगा।

  2. परिसर में 2500 से 3000 इंटरनेट प्वाइंट लगाए जाएंगे।

  3. छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों को बेहतर ऑनलाइन सुविधा मिलेगी।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अगले 20 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर डिजिटल नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूरे परिसर में करीब 2500 से 3000 इंटरनेट प्वाइंट लगाने की योजना है।

प्रशासनिक व शैक्षणिक भवनों, कक्षाओं, छात्रावासों, लाइब्रेरी, आवासीय परिसर और गेस्ट हाउस के साथ कैंपस के अन्य प्रमुख हिस्सों को भी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारियां तय कर नेटवर्क की मौजूदा स्थिति और जरूरत का आकलन शुरू कर दिया गया है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल भवनों तक इंटरनेट पहुंचाना नहीं, बल्कि कैंपस में ऐसी कनेक्टिविटी तैयार करना है, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार उपयुक्त स्थान से डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें।

पढ़ाई, शोध, कार्यालयी काम या ऑनलाइन सेवाओं के लिए इंटरनेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो, इसके अनुसार प्वाइंट के स्थान तय किए जाएंगे। कक्षाओं और शैक्षणिक भवनों में ई-कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल अकादमिक संसाधनों का उपयोग किया जा सकेगा। लाइब्रेरी में ई-बुक, ई-जर्नल और शोध सामग्री तक पहुंच आसान होगी।

छात्रावासों में विद्यार्थी अध्ययन और शोध से जुड़े ऑनलाइन संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रशासनिक भवनों में डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन कार्यालयी कार्य और विभिन्न पोर्टल के संचालन के लिए नेटवर्क उपलब्ध रहेगा।

नेटवर्क की क्षमता तय करते समय विद्यार्थियों की संख्या में संभावित वृद्धि, ऑनलाइन शिक्षण, शोध, ई-लाइब्रेरी, स्मार्ट कक्षाओं और डिजिटल प्रशासन की भविष्य की जरूरतों को भी शामिल किया जा रहा है।

नेटवर्क का ढांचा इस तरह तैयार किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में जरूरत बढ़ने पर उसका विस्तार किया जा सके। आवासीय परिसर और गेस्ट हाउस को भी इसी नेटवर्क व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

विश्वविद्यालय में अगले 20 वर्षों की शैक्षणिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर इसकी क्षमता और विस्तार की योजना बनाई जा रही है। नेटवर्क की वर्तमान स्थिति व आवश्यकताओं का आकलन शुरू हो चुका है। -प्रो. राकेश कुमार सिंह, कुलपति पूविवि।

यह भी पढ़ें- पूर्वांचल विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल पर प्रवेश में अपार आईडी की अनिवार्यता खत्म