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पूर्वांचल यूनिवर्सिटी में ड्रोन तकनीक पर पांच दिवसीय 'स्वयान' बूटकैंप शुरू, ट्रेनिंग के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट

Published: Mon, 12 Oct 2026 05:45 PM (IST)

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक पर पांच दिवसीय 'स्वयान' बूटकैंप शुरू हुआ है। इसमें मानव रहित ...और पढ़ें

ड्रोन तकनीक से जुड़ेंगे विद्यार्थी, मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण: कुलपति।

ड्रोन तकनीक से जुड़ेंगे विद्यार्थी, मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण: कुलपति।

HighLights

  1. पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय ड्रोन बूटकैंप।

  2. छात्रों को मानव रहित विमान प्रणाली का प्रशिक्षण।

  3. सफल विद्यार्थियों को मिलेगा प्रमाणपत्र, कौशल विकास।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक ड्रोन तकनीक से दक्ष बनाने के लिए सोमवार से पांच दिवसीय ‘स्वयान’ बूटकैंप शुरू हुआ। सी-डैक, नोएडॉ के सहयोग से 16 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) और सेंसर तकनीक के अनुप्रयोगों की सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। इस बूटकैंप के माध्यम से विद्यार्थी ड्रोन के निर्माण, संचालन और उडॉन की बारीकियां सीख सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के समापन पर परीक्षा होगी और सफल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। सी-डैक की वैज्ञानिक डॉ. कल्पना जौहरी ने ड्रोन की कार्यप्रणाली, उडॉन के दौरान ऊर्जा की खपत और नियंत्रण से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा कीं।

बताया कि सेंसर का प्रभावी उपयोग, सटीक उडॉन योजना और ऊर्जा-कुशल तकनीकों से ड्रोन की स्थिरता तथा उडॉन अवधि बढ़ाई जा सकती है। दिशा नियंत्रण और संतुलन बनाए रखने में भी सेंसर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

डॉ. ज्योति पी. सिंह ने बूटकैंप को विशेष प्रशिक्षण शिविर की संज्ञा देते हुए कहा कि इसमें अनुशासन, नियमित अभ्यास और व्यावहारिक दक्षता पर विशेष जोर दिया जाता है।

कार्यक्रम के संचालन में डॉ. पारुल त्रिवेदी, डॉ. दिवेन्दु मिश्रा, सुधीर सिंह, पूनम सोनकर, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. शैलेश प्रजापति सहित अन्य ने सहयोग किया।

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