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उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट समारोह का आयोजन

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 12 Oct 2026 04:53 PM (IST)

जौनपुर के उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस बैच 2026 के लिए व्हाइट कोट समारोह आयोजित हुआ। इसमें ...और पढ़ें

जौनपुर में एमबीबीएस बैच 2026 के लिए व्हाइट कोट समारोह, छात्रों ने ली चरक शपथ।

जौनपुर में एमबीबीएस बैच 2026 के लिए व्हाइट कोट समारोह, छात्रों ने ली चरक शपथ।

HighLights

  1. एमबीबीएस बैच 2026 का व्हाइट कोट समारोह आयोजित।

  2. छात्रों को चिकित्सा पेशे की गरिमा सिखाई गई।

  3. प्रधानाचार्य ने चरक शपथ दिलाई, सेवा का संकल्प।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट समारोह का आयोजन किया गया।

शैक्षणिक भवन स्थित लेक्चर थिएटर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे की गरिमा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना का महत्व बताया गया। प्रधानाचार्य प्रो. आरबी कमल ने विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाकर रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ चिकित्सा सेवा करने का संकल्प दिलाया।

प्रधानाचार्य प्रो. आरबी कमल ने कहा कि सफेद कोट केवल एक परिधान नहीं, बल्कि दया, संवेदना, मानवता और सेवा का प्रतीक है। इसे धारण करने के साथ ही चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

चिकित्सा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि अपने कौशल और व्यवहार से रोगियों के जीवन में आशा जगाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन और करुणा को जीवन में सर्वोच्च स्थान देने का आह्वान किया। कहा कि चिकित्सक के लिए मरीज की संतुष्टि और मुस्कान सबसे बड़ा पुरस्कार है।

jpr3विद्यार्थियों को अपने माता-पिता, शिक्षकों और समाज के प्रति कृतज्ञ रहते हुए समर्पण भाव से आगे बढ़ना चाहिए।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। संचालन पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉ. सोबिया खान और बायोकेमिस्ट्री विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. साधना ने किया। अंत में बायोकेमिस्ट्री विभाग की आचार्य प्रो. साधना अजय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा व्यवसाय की गरिमा और रोगी सेवा के नैतिक दायित्वों से अवगत कराने में ऐसे आयोजनों की भूमिका पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर मुख्य प्रॉक्टर प्रो. रुचिरा सेठी, डीन एकेडमिक प्रो. तबस्सुम यासमिन सहित चिकित्सा शिक्षक, नवप्रवेशित विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।