जागरण संवाददाता, जौनपुर: जिला महिला चिकित्सालय स्थित एल-2 अस्पताल में दु‌र्व्यवस्था को लेकर तीमारदारों ने शनिवार की रात जमकर हंगामा किया। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के मरीज के पास न जाने, सहायता के लिए पास रह रहे लोगों को भी वापस करने, गंदगी व दु‌र्व्यवस्था का आरोप लगाया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व कोतवाल के समझाने के बाद उनका आक्रोश शांत हुआ।

कोविड अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सेवा के लिए शासन-प्रशासन गंभीर है। जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी समेत कई अधिकारी पीपीई किट पहन अंदर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। मातहतों को खामियां सुधारने और उपचार में लापरवाही न बरतने का निर्देश दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला महिला अस्पताल स्थित एल-2 अस्पताल में खामियों को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही हैं।

शनिवार की रात करीब 12.30 बड़ी संख्या में तीमारदारों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि अधिकारियों के निरीक्षण की सूचना पर चिकित्सक व कर्मचारी वार्डों में अंदर जाते हैं। बाकी समय अपने केबिन में बैठकर सफाई कर्मियों को निर्देशित करते रहते हैं। अस्पताल में चहुंओर गंदगी है। शौचालय व आस-पास गंदा पानी दुर्गंध मार रहा है। बेड से न उठ पाने वाले गंभीर व चलने-फिरने में आसक्त मरीजों को चिल्लाने के बाद भी न तो पानी पिलाया जाता और ही दवाएं दी जाती हैं। सबसे अधिक परेशानी शौच को लेकर होती है। सहयोग में रह रहे परिवार के लोगों को भी भगा दिया जा रहा है। हंगामा की सूचना पर कोतवाल भी बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों के साथ पहुंच गए। कोतवाल संजीव कुमार मिश्र ने बताया कि गंभीर कुछ मरीजों के तीमारदारों को अंदर भेजकर बाकी को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया।

मरीजों के साथ रह रहे लोगों में संक्रमण न फैले इस उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर सभी तीमरदारों को बाहर कर दिया गया था। इसी को लेकर लोग हंगामा कर रहे थे। बाद में समझाने के बाद वह शांत हुए।

अरुण कुमार अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

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