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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hridaynath Singh Death: भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संघटक हृदयनाथ सिंह का लखनऊ में निधन, शोक जताने वालों का तांता

Published: Tue, 02 Jan 2024 11:32 PM (IST)

Hridaynath Singh - सुइथाकला क्षेत्र के अमावां खुर्द निवासी भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संघटक हृदयनाथ सिंह का 82 वर्ष ...और पढ़ें

भाजपा के वरिष्ठ प्रचारक व पूर्व संगठन मंत्री ह्रदयनाथ सिंह के निधन पर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री।
भाजपा के वरिष्ठ प्रचारक व पूर्व संगठन मंत्री ह्रदयनाथ सिंह के निधन पर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री।

जागरण संवाददाता, जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के अमावां खुर्द निवासी भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय संघटक हृदयनाथ सिंह का 82 वर्ष की आयु में सोमवार की देर रात लखनऊ में निधन हो गया। मंगलवार की सुबह जैसे ही क्षेत्र में उनके निधन की खबर आई शोक की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लग गया। 

दोपहर बाद तीन बजे पार्थिव शरीर घर लाया गया, जहां से ले जाकर देर शाम सुल्तानपुर के अमिलिया गोमती घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इसके पूर्व अमावां पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन, मंत्री दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौर, गिरीश चंद्र यादव, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल, क्षेत्रीय महामंत्री सुशील त्रिपाठी, कादीपुर के विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी, सुरेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश चौधरी, पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह आदि ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के शोक संदेश को पढ़कर राष्ट्रीय महासचिव ने सुनाया।

हृदय नाथ सिंह पिछले सप्ताह प्रतापगढ़ आए थे। वहां से वापस दिल्ली जाते समय लखनऊ में रुके थे। जहां सोमवार की रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हुई तो उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां उनका निधन हो गया। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक के रूप में जुड़े

छात्र जीवन से ही उनका झुकाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ हुआ और पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रचारक के रूप में संघ से जुड़ गए। तत्कालीन फैजाबाद (वर्तमान अयोध्या) जिले की अकबरपुर तहसील (वर्तमान में अंबेडकर नगर जिला) से तहसील प्रचारक के रूप में शुरू हुआ उनका सफर आगे बढ़ता हुआ जिला तथा विभाग प्रचारक तक पहुंचा। 

संघ में उनकी निष्ठा, लगन व ईमानदारी को देखते हुए नब्बे के दशक में संघ के अखिल भारतीय नेतृत्व ने उन्हें भाजपा में भेजकर ब्रज क्षेत्र का महामंत्री संगठन बनाया। इसके बाद काशी क्षेत्र के महामंत्री संगठन के रूप में भी कार्य किया। 

इसके बाद प्रदेश महामंत्री संगठन झारखंड के दायित्व का निर्वहन करते राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के रूप में देश के विभिन्न प्रांतों में सफलतापूर्वक अपनी सेवा दी तथा भाजपा को जन-जन पहुंचाने में बड़ा योगदान किया। 

वर्तमान में वह भाजपा के राष्ट्रीय संघटक किसान मोर्चा के रूप में कार्यरत थे तथा दिल्ली में निवास करते थे। श्री सिंह के परिवार में पुत्र अजित प्रताप सिंह, पुत्री कुसुम तथा उनकी पत्नी गुनराजी देवी हैं। यह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई शोभनाथ सिंह का तीन वर्ष पहले स्वर्गवास हो चुका है। तीसरे नंबर के भाई रामनाथ सिंह का परिवार गांव में ही रहता है।

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