जौनपुर में गमछा बांधकर बाइक से पहुंचे 25 हजार के इनामी निलंबित थाना प्रभारी, कोर्ट में किया सरेंडर
जौनपुर में 25 हजार के इनामी निलंबित सुरेरी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह ने एसीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
निलंबित थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर।
अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।
उन पर हिरासत में लेकर धन वसूली के गंभीर आरोप हैं।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। निरपराध लोगों को हिरासत में लेकर धन वसूली के मामलों के सामने आने के बाद बिना छुट्टी लिए फरार हो गए 25 हजार के इनामी सुरेरी थाना के निलंबित प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को एसीजेएम (तृतीय) के न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने जमानत अर्जी नामंजूर कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
गुपचुप तरीके से दिव्य प्रकाश सिंह दीवानी न्यायालय के गेट नंबर-चार पर बाइक से दोपहर 12.15 बजे नागरिक वेश में गमछा से मुंह ढककर पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया। उनके अधिवक्ता शुभम सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने अस्वीकार कर जेल भेजने का आदेश देते हुए लाकअप में भेज दिया। इसके बाद लगभग 2.45 बजे पुलिस गोपनीय तरीके से बोलेरो में बैठाकर जिला कारागार लेकर चली गई।
शुभम सिंह ने बताया उनके मुवक्किल दिव्य प्रकाश सिंह को इस मामले में गलत ढंग से फंसाया गया है। इसमें उनकी संलिप्तता दो दूर, पता तक नहीं है। एफआइआर में भी वह आरोपित के तौर पर नामजद नहीं हैं। पुलिस ने जबरन उन्हें इस मामले में फंसाया है। अब जिला जज के न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करेंगे।
यह है पूरा मामला
गत 17 सितंबर को जलालपुर थाने में विजय राजभर ने तहरीर दी कि 15 सितंबर को उन्हें कुसियां स्थित उनकी जूता-चप्पल की दुकान से संकीत सिंह साथ ले गया। वहां पहले से कार लेकर मौजूद चार अज्ञात लोग मुझे जबरन बैठाकर पीटा। जान से मारने की धमकी देकर मोबाइल फोन छीनकर यूपीआई से विभिन्न खातों में 2,15,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। एटीएम से भी रुपये निकलवाकर ले लिए।
दूसरा मामले में वाराणसी के चिलबिला गांव के सुशील पांडेय का आरोप है उन्हें जबरन कार में बैठाकर सुरेरी थाने ले जाकर असलहा पकड़ाकर वीडियो रिकार्डिंग कर 1.05 लाख रुपये नकद व 60,299 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
दोनों मामलों में सुरेरी थाने में तैनात दो सिपाहियों विष्णु सिंह व सत्येंद्र गोंड सहित पांच आरोपित जेल में बंद हैं। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआइजी वैभव कृष्ण द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
