अन्नदाताओं को अनुदान का तोहफा, जौनपुर में उन्नत बीजों और खेती के लिए मिलेगा 4000 प्रति हेक्टेयर अनुदान
जौनपुर में किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से परिचित कराने और बेहतर फसल उत्पादन के लिए 1328 हेक्टेयर में रबी ...और पढ़ें
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HighLights
जौनपुर में 1328 हेक्टेयर पर रबी फसलों का प्रदर्शन।
किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 रुपये का अनुदान मिलेगा।
कृषि वैज्ञानिकों की सीधी देखरेख में होगी उन्नत खेती।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। अन्नदाताओं को नवीन कृषि तकनीकों से परिचित कराकर उन्हें बेहतर फसल उत्पादन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस साल जिले में 1328 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसलों का प्रदर्शन किया जाएगा। कृषि विभाग की ओर से इस महत्वाकांक्षी योजना का दायरा तय कर दिया गया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में 1160 हेक्टेयर और आत्मा योजना के अंतर्गत 168 हेक्टेयर में फसलों का प्रदर्शन किया जाएगा। चयनित किसानों को उन्नत किस्म के बीजों व अन्य प्रबंधकीय कार्यों के लिए चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान प्रदान किया जाएगा।
खेती पूरी तरह से कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की सीधी देखरेख और निगरानी में होती है, जिससे किसानों को निकट भविष्य में आने वाली नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिल जाता है।
किन फसलों का होगा प्रदर्शन: कृषि विभाग की योजना के मुताबिक जनपद में इस बार निम्नलिखित फसलों के लिए प्रदर्शन क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं: गेहूं: 710 हेक्टेयर सरसों: 521 हेक्टेयर चना: 87 हेक्टेयर मटर: 10 हेक्टेयर
रबी सीजन में 2,17,023 हेक्टेयर में होगी खेती
रबी अभियान के तहत इस बार जनपद में कुल 2,17,023 हेक्टेयर भूमि पर खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस बार गेहूं का आच्छादन लक्ष्य 1,87,203 हेक्टेयर तय किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 17,793 हेक्टेयर कम है। वहीं, तिलहनी खेती का दायरा 6,525 हेक्टेयर घटाकर 19,963 हेक्टेयर कर दिया गया है। तय आवंटन के साथ ही जनपद में रबी की बोआई और खेती-किसानी के कार्यों ने जोर पकड़ लिया है।
रबी खेती के लिए आच्छादन का लक्ष्य आने के साथ ही फसलों के प्रदर्शन का भी स्पष्ट लक्ष्य तय कर दिया गया है। इस साल दो प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत प्रदर्शन आयोजित कर किसानों को लाभांवित किया जाएगा। किसानों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।- अश्वनी कुमार, उप निदेशक कृषि।
