यूपी में गोमती नदी की होगी प्राकृतिक सफाई, छोड़ी गईं रोहू, नैन और कतला प्रजाति की 1 लाख मछलियां
जौनपुर की गोमती नदी में 'रिवर रैंचिंग' कार्यक्रम के तहत मत्स्य संसाधनों के संवर्धन और जलीय जैव विविधता को बढ़ावा ...और पढ़ें

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HighLights
गोमती नदी में 'रिवर रैंचिंग' कार्यक्रम का शुभारंभ।
एक लाख रोहू, नैन, कतला मत्स्य अंगुलिकाएं छोड़ी गईं।
नदी की स्वच्छता व जलीय जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य पोषित योजना के अंतर्गत 'रिवर रैंचिंग' कार्यक्रम के तहत गोमती नदी के मत्स्य संसाधनों के संवर्धन, संरक्षण व जलीय जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई।
इसके तहत तहसील शाहगंज के शेखपुर सुतौली घाट पर गोमती नदी में एक लाख रोहू, नैन व कतला प्रजाति की मत्स्य अंगुलिकाएं (मत्स्य बीज) छोड़ी गईं। यह मत्स्य बीज उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य अतिथि शाहगंज विधायक रमेश सिंह ने गोमती नदी में मत्स्य अंगुलिकाओं को प्रवाहित कर योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गोमती नदी में मछलियों को छोड़ने से नदी की स्वच्छता बनी रहेगी और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
इससे न केवल नदी में मछलियों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण व जैव विविधता के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस दौरान स्थानीय मत्स्य पालक, विधायक प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
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