जागरण संवाददाता, सरपतहां (जौनपुर): प्राथमिक विद्यालय करीमपुर बिद में चल रही किसान पाठशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षक एडीओ एजी मिथिलेश सिंह ने किसानों के बीच खेती को लाभकारी बनाने के मंत्र दिया। किसानों की सबसे बड़ी उत्सुकता किसान उत्पादक संघ (एफपीओ) के गठन, कार्यशैली व लाभ आदि के बारे में जानकारी को लेकर रही। प्रशिक्षण में मौजूद प्रगतिशील किसान नरसिंह वर्मा ने खड़े होकर सवाल किया कि, एफपीओ क्या है, इसके गठन की प्रक्रिया क्या हैं, साथ ही इसके लाभ क्या हैं। प्रशिक्षक ने उनके सवालों का पूरे विस्तार से जवाब देते हुए बताया कि एफपीओ ही भविष्य की खेती का आधार बनने वाला है। सरकार किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही भारी सब्सिडी दे रही है। किसान योगेश वर्मा व रामसभा ने मशरूम की खेती के तरीके, बाजार व लाभ के बारे में सवाल किया। इस बारे में प्रशिक्षक ने बताया कि इसके लिए आप कृषि विज्ञान केंद्र, बक्शा में ट्रेनिग ले सकते हैं। मशरूम एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ के रूप में बड़ी ही तेजी से ही लोकप्रिय हो रहा है। नागेंद्र बहादुर ने मधुमक्खी पालन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। योगेश का दूसरा सवाल आर्गेनिक खेती को लेकर रहा। जिसके जवाब में प्रशिक्षक ने बताया कि आर्गेनिक खेती ठीक तो हैं, लेकिन जब तक बड़े पैमाने पर यह नहीं शुरू होती तब तक इसकी अपनी कठिनाइयां हैं। सबसे मूल समस्या बाजार की उपलब्धता की है। किसान बद्री उपाध्याय ने बेबीकॉर्न की खेती के बारे में जानकारी मांगी। किसान राम मिलन ने जंगली सूकर, नीलगाय व बेसहारा पशुओं को किसानों की सबसे बड़ी समस्या बताया। इस दौरान सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। किसान सम्मान निधि, सब्सिडी आदि के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। पाठशाला में राजपति वर्मा, विनय कुमार, साहबलाल, राम तेरस गौतम, रमेश मिश्रा, राम जनम वर्मा सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। इसी तरह मछलीशहर विकास खंड के वारी गांव के प्राथमिक विद्यालय पर किसानों को पहले कृषि विभाग के बीटीएम प्रमोद उपाध्याय ने जैविक विधि से खेती और कीट प्रबंधन के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान कमलेश मिश्र ने पूरा समय देते हुए सहयोग किया इस दौरान गांव के सम्मानित किसान मौजूद रहे। उन्हें पता ही नहीं वे हैं नोडल अधिकारी सरपतहां (जौनपुर): शासन की अति महत्वपूर्ण योजनाओं को भी जिम्मेदार किस तरह पलीता लगाते हैं उसकी बानगी जिले में 14-15 सितंबर को किसान पाठशाला के प्रथम चरण में कुछ केंद्रों पर दिखी। सुइथाकलां में पहले दिन जहां ज्यादातर केंद्रों पर पाठशाला के नाम पर महज खानापूर्ति की गई, वहीं कुछ केंद्रों पर तो इसके आयोजन की भी जहमत नहीं उठाई गई। दूसरे दिन बुधवार को इस बाबत सुइथाकलां विकास खंड में नामित नोडल अधिकारी डाक्टर अनिल यादव कृषि विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र बख्शा से बात की गई तो उन्होंने खुद को नोडल अधिकारी बनाए जाने से ही अनभिज्ञता जताई। काली पट्टी बांधकर दिया प्रशिक्षण सरपतहां (जौनपुर): कृषि विभाग के कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रशिक्षण दिया। कर्मचारी वेतन विसंगति, प्रमोशन, स्थायीकरण, नई नियुक्ति आदि की मांग लंबे अर्से से कर रहे हैं।

Edited By: Jagran