ओएमआर शीट की छोटी गलतियों से नहीं अटकेगा परीक्षा परिणाम, कुलपति के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक ने शुरू की पहल
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने ओएमआर शीट भरने में होने वाली गलतियों के कारण परीक्षा परिणाम में देरी रोकने ...और पढ़ें

ओएमआर शीट की गलतियों से अब नहीं अटकेगा पूर्वांचल विश्वविद्यालय का परीक्षा परिणाम।
HighLights
ओएमआर शीट की गलतियों से परिणाम अब नहीं अटकेगा।
विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया।
कक्ष निरीक्षकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की गई है।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ओएमआर शीट भरने में होने वाली छोटी-छोटी गलतियों के कारण अब विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम नहीं अटकेगा। इसके लिए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं से पहले ही जागरूकता अभियान शुरू कराया है। विश्वविद्यालय के शिक्षक इंटरनेट मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों को ओएमआर शीट भरने का सही तरीका समझा रहे हैं।
पूर्व के वर्षों में ओएमआर शीट भरने में हुई गलतियों के कारण हजारों छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम प्रभावित होते रहे हैं। कोई अनुक्रमांक अंकों और शब्दों में अलग-अलग दर्ज कर देता था तो कोई निर्धारित स्थान पर सही ढंग से गोले नहीं भरता था। इसके अलावा अन्य आवश्यक जानकारियां भरने में हुई चूक से भी परिणाम तैयार करने में परेशानी आती थी। ऐसी त्रुटियों को दुरुस्त कराने में विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
कई बार उनका परिणाम समय से घोषित नहीं हो पाता था।इसी समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग के शिक्षक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने जागरूकता वीडियो तैयार किया। इसे इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में विद्यार्थियों को ओएमआर शीट भरने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि शीट मिलने के बाद सबसे पहले दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
अनुक्रमांक सहित सभी प्रविष्टियां सही स्थान पर दर्ज करें और अंकों तथा शब्दों में दी गई जानकारी का मिलान करने के बाद ही निर्धारित गोले भरें।खास बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि महाविद्यालयों में परीक्षा ड्यूटी करने वाले कक्ष निरीक्षकों को भी उनकी जिम्मेदारी के प्रति सचेत किया है। उन्हें ओएमआर शीट का बारीकी से अवलोकन करने और उसमें दर्ज जानकारियों का मिलान करने के बाद ही हस्ताक्षर करने को कहा गया है।
इससे परीक्षा प्रक्रिया में कक्ष निरीक्षकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।विश्वविद्यालय में 14 नवंबर से विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होनी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि परीक्षा के दौरान ही ऐसी त्रुटियों पर रोक लगाई जाए, ताकि परिणाम तैयार करते समय विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और समय से परीक्षा परिणाम घोषित किए जा सकें।
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